गोंदिया में 9,351 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध, कृषि विभाग ने किसानों से की अपील
Gondia Urea Stock: गोंदिया जिले में खरीफ सीजन के लिए 9,351 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध। कृषि विभाग ने किसानों से जरूरत अनुसार खाद खरीदने की अपील की, 9 उड़न दस्ते कालाबाजारी पर नजर।
- Written By: केतकी मोडक
यूरिया स्टॉक प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Gondia Urea 9351 Metric Ton Stock: खरीफ का सीजन शुरू हो चुका है और किसान अपने खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। अच्छी बारिश होते ही गोंदिया जिले में बुआई का कार्य जोर पकड़ लेगा, जिसके बाद किसानों को रासायनिक उर्वरकों (खाद) की आवश्यकता होगी। हालांकि, कई क्षेत्रों में किसानों द्वारा खाद की अग्रिम खरीदारी अभी से ही शुरू कर दी गई है।
इसके मद्देनजर कृषि विभाग ने उर्वरक आपूर्ति का पूरा नियोजन कर लिया है। वर्तमान में गोंदिया जिले में 9,351 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जिसे देखते हुए कृषि विभाग ने अपील की है कि किसान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार ही खाद की खरीदारी करें। कृषि विभाग का दावा है कि फिलहाल जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है।
खरीफ के लिए किसानों ने अपने खेत तैयार कर लिए हैं और भारी बारिश के बाद बुआई शुरू हो जाएगी। बुआई के कुछ समय बाद खेतों में उर्वरकों का प्रयोग शुरू होता है। इस दौरान बाजार में खाद की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू कर दी जाती है।
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वहीं, कई किसान भी आगामी दिनों में किल्लत की आशंका से बचने के लिए जरूरत से ज्यादा खाद खरीदकर भंडारण करने लगते हैं। किसानों को इस धोखाधड़ी से बचाने और केंद्र संचालकों द्वारा उनकी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाने से रोकने के लिए कृषि विभाग ने पुख्ता कार्ययोजना बनाई है। इस वर्ष कृषि विभाग ने जिले के लिए कुल 1,88,430 मीट्रिक टन खाद की मांग का प्रस्ताव वरिष्ठ स्तर पर भेजा था।
यूरिया की सबसे ज्यादा मांग
इस वर्ष गोंदिया जिले के लिए 21,600 मीट्रिक टन यूरिया खाद मंजूर किया गया है। कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले को उपलब्ध कराए गए कुल 13,051.89 मीट्रिक टन यूरिया में से 3,700.364 मीट्रिक टन खाद बेची जा चुकी है और वर्तमान में 9,351 मीट्रिक टन का स्टॉक सोसायटियों और डीलरों के पास उपलब्ध है। चूंकि खरीफ फसलों के लिए यूरिया की मांग सबसे अधिक होती है, इसलिए किसान इसकी उपलब्धता को लेकर ज्यादा भागदौड़ करते हैं।
कालाबाजारी रोकने के लिए 9 उड़न दस्ते तैनात: जिला कृषि अधिकारी
गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कावनडे ने कहा है कि “खाद और बीजों की जमाखोरी तथा कालाबाजारी को रोकने के लिए जिले में 9 उड़न दस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) तैनात किए गए हैं। खरीफ सीजन के दौरान ये टीमें कृषि केंद्रों और डीलरों के स्टॉक पर कड़ी नजर रखेंगी, जिससे अवैध भंडारण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। जिले में मुख्य रूप से धान की खेती होती है और शुरुआती चरण में यूरिया की आवश्यकता कम होती है। इसके बावजूद कृषि विभाग किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और जिले में खाद की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी।”
गोंदिया में हर माह 5,000 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति
कृषि आयुक्तालय से जिले के लिए कुल 76 हजार मीट्रिक टन खाद को मंजूरी मिल चुकी है। इस मंजूरी के बाद कृषि विभाग ने कंपनियों से आपूर्ति की मांग की है, जिसके तहत जिले को हर माह करीब 5 हजार मीट्रिक टन खाद की नियमित आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा, पिछले वर्ष का 29 हजार मीट्रिक टन खाद का बफर स्टॉक (भंडारण) पहले से उपलब्ध था।
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इस प्रकार, विभिन्न प्रकार के उर्वरकों को मिलाकर जिले में वर्तमान में कुल 47,126.89 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक उपलब्ध कराया गया था। इसमें से अब तक 16,605.649 मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हो चुकी है और वर्तमान में कुल 30,521 मीट्रिक टन उर्वरक (सभी प्रकार के खाद मिलाकर) शेष है। पर्याप्त स्टॉक को देखते हुए प्रशासन ने पुनः अनुरोध किया है कि किसान अनावश्यक जल्दबाजी न करें।
