

Gondia Underpass: नागपुर-रायपुर रेल लाइन व गोंदियाचंद्रपुर रेल लाइन के बीच फंसे आंबेडकर वार्ड, सिंगलटोली, भीमनगर के निवासियों ने शनिवार को बड़ी संख्या में एकत्रित होकर चंद्रपुर लाइन पर रेलवे की मनमर्जी से चल रहे अंडरपास के निर्माण कार्य को रुकवाकर ओवर ब्रिज की मांग पर जोर दिया। जनता की ओर से प्रतिनिधित्व करने सामने आए सामाजिक कार्यकर्ता अमितकुमार भालेराव ने कहा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिना जनता की सुखसुविधा देखे मनमर्जी से कार्य कर रही है।
अंडर पास निर्माण कार्य शुरू कर यहां की जनता के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ये क्षेत्र नागपुररायपुर रेल लाइन व गोंदियाचंद्रपुर रेललाइन के बीच फंसा बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है। क्षेत्र में स्कूल, डीएडबीएड कॉलेज है व छोटेमोटे उद्योग है। उन्होंने ने कहा, रेलवे ने पूर्व में नागपुररायपुर लाइन पर रेलवे क्रॉसिंग बंद कर कम हाइट का अंडर पास दिया है, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। विद्यार्थियों के लिए स्कूल की बसे, आपातकालीन एम्बुलेंस, आवास निर्माण के लिए ट्रक, जेसीबी, बोरवेल मशीन, बिजली विभाग के वाहन आदि के आने में परेशानी हो रही है व इनका आवागमन अब सिर्फ भीमनगर रेलवे क्रॉसिंग से हो रहा है।
ऐसे में अब चंद्रपुर रेल लाइन पर अंडर पास का निर्माण शुरू कर जनता पर अत्याचार, अन्याय करने का कार्य रेलवे कर रही है। DRM और जिलाधीश को 2 बार पत्रमौके पर पहुंचे रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मल्लिकार्जुन राव से भालेराव ने कहा, हमनें डीआरएम नागपुर मंडल, जिलाधीश गोंदिया को दो बार पत्र देकर इस अंडर पास के निर्माणाधीन कार्य को रुकवाने की मांग की है। साथ ही पत्र में ये भी उल्लेख किया है कि इस क्षेत्र में भरपूर जगह रेलवे के पास उपलब्ध है। जहां रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण हो सकता है, फिर अंडर पास क्यों उन्होंने तत्काल अंडर पास/सबवे कार्य को रुकवाने की मांग कर ओवर ब्रिज की मांग की।
साथ ही चंद्रपुर लाइन पर गोंदिया स्टेशन से हिरडामाली तक डबलिंग कार्य को स्थगित कर सिंगल लाइन रखने का अनुरोध किया। रेलवे इंजीनियर ने दिया समाधान निकालने का भरोसाजनता की बौखलाहट को देखते सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने तत्काल अंडर पास निर्माण कार्य को रुकवा दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि, जल्द ही वे वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण का मामला संज्ञान में लाएंगे व क्षेत्र के नागरिकों द्वारा भेजे गए पत्र को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही एक उच्च बैठक लेकर इसका समाधानकारक रास्ता निकालेंगे।