जिप सीईओ मुरुगानंथम (सौजन्य- नवभारत)
Gondia ZP CEO Muruganantham News: गोंदिया समाज के आखिरी तबके के लड़के-लड़कियों का शिक्षा के प्रवाह में आना जरूरी है। ऐसा प्रतिपादन जिप सीईओ मुरुगानंथम ने अन्नाभाऊ साठेनगर, कुड़वा में आयोजित कार्यक्रम में किया। कुडवा इलाके में पिछले कई सालों से मांग-गारोडी समाज के करीब 40 परिवार रह रहे हैं और यह समाज मुख्य प्रवाह और शिक्षा से वंचित रहा है। सहायक आयुक्त, समाज कल्याण कार्यालय द्वारा 8 से 14 अप्रैल तक भारत रत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ‘सामाजिक समता सप्ताह’ मनाया गया है।
इस मौके पर अन्नाभाऊ साठे नगर की मांग-गारोडी बस्ती में 25 घरकुलों का सामूहिक गृहप्रवेश समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें मुरुगानंथम ने अध्यक्षता करते हुए उनसे शिक्षा के प्रवाह में आने की अपील की। इस अवसर पर समाज कल्याण सहायक आयुक्त किशोर भोयर, ग्राम पंचायत कुड़वा के सरपंच बालकृष्ण पटले, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सविता बेदरकर, पूर्व सरपंच श्यामदेवी ठाकरे, पूर्व ग्राम विकास अधिकारी कृष्णकुमार नागपुरे और बस्ती के प्रतिष्ठित नागरिक विजय पात्रे उपस्थित थे।
संविधान’ सबके लिए एक जैसा मुरुगानंथम ने कहा कि “एक भारतीय नागरिक के तौर पर, ‘संविधान’ सबके लिए एक जैसा है। समाज कल्याण विभाग मांग-गारोड़ी समुदाय की बेहतरी के लिए बहुत कोशिश कर रहा है। अभी तक इस समुदाय के लोग टेंट में रह रहे थे। इस समुदाय की बस्ती में मुलभूत सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज/पहचान पत्र नहीं थे। लेकिन समाज कल्याण विभाग ने इस समुदाय की बेहतरी के लिए बहुत कोशिश की है और रमाई आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 25 घरकुल मंजूर किए हैं और उनका निर्माण किया गया है।
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प्रस्तावना में किशोर भोयर ने बताया कि अब तक इस समुदाय के 32 परिवारों को राशन कार्ड, 79 को जाति और डोमिसाइल प्रमाणपत्र, 68 को आधार कार्ड और रमाई आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 25 घरकुल को मंजूरी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस बस्ती के लिए सभी मुलभूत सुविधाएं देने की कोशिश कर रही है।
इस अवसर पर कुडवा की पूर्व सरपंच श्यामदेवी ठाकरे, पूर्व ग्राम विकास अधिकारी कृष्णकुमार नागपुरे और समाज कल्याण विभाग के लक्ष्मण खेडकर को मांग-गारोड़ी समुदाय के विकास के लिए उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही 25 घरकुलों का मुरुगानंथम ने रिबन काटा और लाभार्थी परिवारों को भारतीय संविधान की प्रस्ताविका भेट देकर गृहप्रवेश किया गया। संचालन समाज कल्याण निरीक्षक स्वाति कापसे ने किया। आभार घाटघुमर ने माना।
जन्म प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, देंगे अपना गुजारा करने के लिए छोटे-मोटे व्यवसाय करें, इस बस्ती की सभी महिलाओं को बचत गट में शामिल किया जाएगा। जनसुविधा योजना के तहत इस बस्ती में एक सड़क बनाई गई है। इस बस्ती के लिए यह खुशी की बात है कि इस समुदाय के लिए घरकुल मंजूर हो गया है, जबकि इनके पास कोई कागजात नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मैं इस बस्ती के लोगों को जन्म प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, डोमिसाइल के साथ-साथ पीने के पानी और बिजली की सुविधा दिलाने के लिए जिला प्रशासन स्तर पर जरूर कोशिश करूंगा।