अमरावती में मानसून पूर्व बारिश की जोरदार दस्तक, किसानों के चेहरे खिले तो कई घरों को हुआ नुकसान

Amravati Melghat Heavy Rainfall: अमरावती और मेलघाट में मानसून पूर्व जोरदार बारिश से गर्मी से राहत मिली और जलस्तर बढ़ा, लेकिन तेज आंधी से धारणी के शिरपुर में भारी नुकसान हुआ।
Heavy Rainfall In Amravati
अमरावती में भारी बारिश की तस्वीरें (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Storm Damage In Amravati Villages: रविवार को पूरे अमरावती  जिले सहित मेलघाट में भी मानसून पूर्व बारिश ने दमदार दस्तक दी। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मेलघाट इलाके में मानसून पूर्व बारिश ने जोरदार हाजिरी लगाई है। धारणी तहसील में हुई मूसलाधार बारिश से जहां भीषण गर्मी से त्रस्त नागरिकों को राहत मिली है, वहीं खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। हालांकि, इस बारिश के साथ चली तेज आंधी ने कई गांवों में भारी तबाही भी मचाई है।

जलस्रोतों को मिली नवसंजीवनी

शाम करीब 7 बजे शुरू हुई तेज बारिश से पूरे मेलघाट परिसर में ठंडक घुल गई है। इस बारिश के चलते क्षेत्र की प्रमुख नदियों गडगा, सिपना और तापी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। साथ ही कई छोटे-बड़े नाले भी बह निकले हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के जलसंकट को दूर करने में मदद मिलेगी। खेत में नमी आने से अब बुआई पूर्व कृषि कार्यों को गति मिलेगी।

धामणगांव रेलवे में झमाझम बारिश ने दी दस्तक

गर्मीयों का मौसम 4 महिने फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई उसके बाद जून से बरसात का मौसम शुरू होता है। 7 जून को मृग नक्षत्र की शुरुआत होकर बारिश की शुरुआत होती है। यही परिपाठी में आज नगर में दोपहर को झमाझम बारिश हुई। किसानों को खेती में खरिप फसल की बुआई के मृग नक्षत्र को सही माना जाता है। सही समय पर हुई बुआई से यह फसल अच्छी तरह तैयार होकर ज्यादा उत्पादन देती है। किसान अपने आर्थिक घडीयों को भी यह संकेत शुभ मानता है। इस क्रम में रविवार की दोपहर अचानक बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मृग नक्षत्र की धाराएं बरसी। तकरीबन 1 घंटे तक बरसी बारिश ने तपती धूप और गर्मी से कुछ राहत देने का संकेत दिया। साथ ही किसानों की बांछे खिल गई। अगर मृग नक्षत्र की शुरुआत में बारीश का आगमन होता है तो संपूर्ण बरसात काल में सही समय बारिश होगी।

अमरावती में दोपहर ढलते ही झमाझम बारिश

अमरावती शहर और आस-पास के इलाकों में रविवार को बदरीला मौसम रहा। दोपहर करीब 1.30 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। काले बादलों ने डेरा डाला और झमाझम बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक हुई इस मूसलाधार बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर महानगरपालिका के दावों की पोल खोलते हुए शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति पैदा कर दी।

अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण शहर के प्रमुख चौराहों और निचले रिहायशी इलाकों की सड़कों पर पानी जमा हो गया। करीब एक घंटे तक पानी का निकास न होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश से पिछले कुछ दिनों से जारी नौतपा जैसी तपती गर्मी से नागरिकों को बड़ी राहत मिली।

लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं टिकी। शाम ढलते ही हवा का रुख बदला और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण रात के समय लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। बिजली चले जाने वाले इलाकों में उमस के कारण नागरिक देर रात तक परेशान नजर आए।

आंधी-तूफान से शिरपुर में भारी नुकसान इस पहली ही बारिश के साथ आए

भीषण चक्रवाती तूफान के कारण कई जगहों पर विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए। धारणी तहसील के शिरपुर गांव में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखा गया। यहां के नांदुरकर परिवार के मकान और मवेशियों के बाड़े (गोठे) के टीन के पत्रे (छप्पर) हवा में पूरी तरह उड़ गए। इससे घर का कीमती सामान खराब हो गया और मवेशियों के रहने का संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश

मकान की छत उड़ने से पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पटवारी या ग्राम सचिव ने घटना स्थल का दौरा नहीं किया है। नुकसान का पंचनामा न होने के कारण पीड़ित परिवार को सरकारी मदद मिलने में देरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी रोष है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत पंचनामा कर आर्थिक सहायता घोषित करे।

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