गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव में हाथियों का तांडव, सैकड़ों एकड़ मक्के की खेती तबाह; 2.50 लाख मुआवजे की मांग
गोंदिया के अर्जुनी मोरगांव में जंगली हाथियों के झुंड ने मक्के की फसल और सोलर पैनलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। डरे हुए किसानों ने 2.50 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की है।
Gondia Elephant Attack News: गोंदिया जिले का अर्जुनीमोरगांव तहसील इस समय जंगली हाथियों के भगदड़ से दहल गया है। वड़ेगांवबंध्या इलाके में हाथियों के झुंड ने सैकड़ों एकड़ मक्के की खेती बर्बाद कर दी। इसके बाद यह झुंड गोठनगांव, प्रतापगढ़, कालीमाटी के साथ-साथ कवठा, डोंगरगांव और बोडदे इलाकों में जमा हुआ हुआ है।
14 अप्रैल की रात को कवठा-बोडदे खेत की सीमा में मक्के की फसलों को बहुत नुकसान हुआ था। 15 अप्रैल को देखा गया कि यह झुंड दो गुट में बंट गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक गुट एमटीडीसी नवेगांव बांध इलाके की ओर चला गया है, जबकि 16 से 17 हाथियों का दूसरा गुट कवठा, डोंगरगांव और बोउछे इलाकों में ही रुका हुआ है और फिर से तबाही मचा रहा है।
16 अप्रैल को रात करीब 11 बजे हाथियों का एक झुंड किसान सीताराम कवलू मेंढ़े के खेत में घुस आया और बड़ी मात्रा में मक्के की फसल बर्बाद कर दी। हरीभरी बालियों से लहलहाता खेत कुछ ही पलों में रेगिस्तान जैसा दिखने लगा। उसी रात रामटेके के खेत में लगे सोलर पैनल भी तोड़ दिए गए।
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इस घटना से न सिर्फ फसलों को, बल्कि आधुनिक खेती के लिए बनाई गई सुविधाओं को भी बहुत नुकसान हुआ है। किसानों में आर्थिक संकट गहरा गया है। हाथियों के इस लगातार उपद्रव की वजह से अर्जुनीमोरगांव तहसील के किसानों की खेती ठप हो गई है।
सैकड़ों एकड़ में लगी अलग-अलग फसलें, सिंचाई की सुविधाएं और खेती का मुलभूत संरचना बर्बाद होने से आर्थिक संकट और गहरा गया है। इस बीच, हालांकि वन विभाग लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दे रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों में यह भावना है कि कोई प्रत्यक्ष में उपाय नहीं हैं।
अब तहसील को हाथी-मुक्त बनाने की मांग की जा रही है। प्रति हेक्टेयर 2.50 लाख मदद की मांग अर्जुनी मोरगांव तहसील के बोलदेकवठा में 14 अप्रैल को जंगली हाथियों का एक झुंड क्षेत्र के खेत में घुस गया।
बोलदे कवठा में गढ़चिरोली जिले से आए जंगली हाथियों के झुंड ने मक्के की 80-90 प्रतिशत फसल बर्बाद कर दी। किसानों ने हाथियों के झुंड से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है।
क्षतिग्रस्त किसान किशोर येरने, मारोती साऊस्कार, कैलाश येरने, नारायण येरने, चरणदास येरने ने हाथियों के झुंड से हुए नुकसान का आकलन कर किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.50 लाख रु. की मदद देने की मांग की है। ग्रामवासियों ने मांग की है कि वन विभाग इस पर ध्यान दे और जंगली हाथियों के झुंड को बंदोबस्त करें।
पिछले चार-पांच दिनों से इस क्षेत्र में हाथियों के झुंड के विचरण करने से किसानों में भय का माहौल है।
