गोंदिया निकाय चुनाव: प्रचार के लिए आज अंतिम दिन, अध्यक्ष पद के लिए त्रिकोणीय संघर्ष
Gondia Municipal Election 2025: गोंदिया, तिरोड़ा, सालेकसा और गोरेगांव नगर चुनाव में प्रचार अंतिम दिन, उम्मीदवार घर-घर संपर्क और रणनीतिक बैठकों के जरिए मतदाताओं को लुभा रहे हैं।
- Written By: प्रिया जैस
निकाय चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Gondia Elections: गोंदिया व तिरोड़ा नगर परिषद तथा सालेकसा व गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका हैं। कहीं सीधी लड़ाई तो कहीं त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन गई है। मतदाता किस ओर झुकेंगे, यह आखरी समय तक कहना मुश्किल है। 1 दिसंबर को प्रचार अंतिम दिन है और उम्मीदवार अब पारंपरिक तरीकों पर निर्भर न रहते हुए सीधे मतदाता संपर्क को सबसे प्रभावी माध्यम मान रहे हैं।
उम्मीदवार कम समय में अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने के लिए घर-घर जाकर संवाद कर रहे हैं। स्थानीय समस्याएं, क्षेत्र की आवश्यकताएं व विकास कार्यों की स्थिति समझते हुए लोगों को समाधान के आश्वासन दिए जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक तापमान काफी बढ़ चुका है।
रणनीतिक बैठकों का दौर
चुनाव के एक दिन पूर्व गुप्त मुलाकातें तथा रात में होने वाली रणनीतिक बैठकों का दौर चल रहा है। कई नेता देर रात तक विशेष बैठकों में शामिल हो रहे हैं, जिनमें समीकरण साधने असंतुष्टों को मनाने रणनीति की समीक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
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कौन किससे मिल रहा है, बैठक में क्या बातचीत हो रही है, किन लोगों को साथ लिया आ रहा है। इन सब बातों को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि ऐसी मुलाकातें मतदान से पहले का पूरा समीकरण एक झटके में बदल सकती है।
वोट बैंक को साधने की पूरी कोशिश
सभी दल विशेष समुदायों व प्रभागों में मिलने वाले वोट बैंक को साधने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। शुरुआती चरण में जो कार्यकर्ता असंतुष्ट होकर निष्क्रिय हुए थे, उन्हें फिर से सक्रिय करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। कामकाज कारण बाहर रहने वाले मतदाताओं को मतदान के लिए घर बुलाने के लिए व्यक्तिगत संपर्क, फोन कॉल और संदेश भेजे जा रहे हैं। सड़क, पानी, बिजली, नाली व स्वच्छता जैसी स्थानीय समस्याओं के तत्काल समाधान के वादे कर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशें जारी है।
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दौरों व सभाओं से प्रचार में नई ऊर्जा
जिले में चुनावी माहौल को और गर्माने के लिए प्रमुख दलों के प्रचारकों ने अपने दौरों व सभाओं से चुनावी प्रचार में नई ऊर्जा भरी है। 1 दिसंबर की शाम को खुले प्रचार का सिलसिला थम जाएगा। कुछ घंटे चुनाव की दिशा तय करने में निर्णायक साबित होने वाले हैं, कौन सी रणनीति सफल होगी, कौन मतदाता का दिल जीत पाएगा, यह सब कुछ जल्द ही सामने आएगा।
जिले में स्थानीय चुनावी क्षेत्र
| चुनावी क्षेत्र का प्रकार | जिले के क्षेत्र |
|---|---|
| नगर परिषद | गोंदिया, तिरोड़ा |
| नगर पंचायत | सालेकसा, गोरेगांव |
