Gondia News: गोंदिया में ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ तेज, जिप सीईओ ने की जनभागीदारी की अपील
Gondia Stop Diarrhoea Campaign: गोंदिया जिला परिषद ने 16 जून से 31 जुलाई तक ‘स्टॉप डायरिया अभियान’ शुरू किया है। अभियान के तहत जनजागरूकता के माध्यम से डायरिया की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
Stop Diarrhoea (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Health News: बरसात के मौसम में दूषित पानी, गंदगी और व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी के कारण डायरिया रोग का खतरा बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद स्टॉप डायरिया अभियान चला रही है। इस अभियान को 16 जून से 31 जुलाई तक पूरे जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील जिप सीईओ जेनितचंद्रा दोन्तुला ने जिला परिषद कार्यालय में आयोजित एक बैठक में की है। डायरिया एक जानलेवा बीमारी है, खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल, साबुन से हाथ धोने की आदत, परिसर की सफाई और उचित स्वच्छता प्रथाओं को अपनाने से बीमारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के बीच जन जागरूकता पैदा करके निवारक उपायों को मजबूत करना है। सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायत, जल व स्वच्छता शिक्षा, महिला व बाल विकास, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के समन्वय से चलाया जाएगा।
बरसात में डायरिया से बचाव के लिए गोंदिया में विशेष अभियान शुरू
अभियान के हिस्से के रूप में, तहसील और ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित करके ग्राम पंचायतों, जलापूर्ति और स्वच्छता समितियों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों तक जन जागरूकता फैलाई जाएगी। सभी स्रोतों की ग्रामवार जल गुणवत्ता जांच नियमित रूप से की जाएगी। छात्रों और स्वयंसेवकों को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल परीक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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जलापूर्ति प्रणाली में रिसाव की मरम्मत, भंडारण टंकी की सफाई और कीटाणुशोधन और पीने के पानी के नियमित क्लोरीनीकरण द्वारा नल के पानी में न्यूनतम 0.2 पीपीएम मुक्त अवशिष्ट क्लोरीन के रखरखाव पर जोर दिया जाएगा। इस अभियान के दौरान हाथ धोने के महत्व, खाद्य स्वच्छता नियमों और दस्त की रोकथाम पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत प्रदूषण मुक्त स्थिति की स्थिरता बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। स्थानीय समुदायों, गैर सरकारी संगठनों, ग्राम पंचायत सदस्यों और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया जाएगा।
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यह भी कहा गया कि पानी की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर नागरिकों को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और धर्मार्थ संगठनों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।
रोकथाम ही सर्वोत्तम उपाय
जिप गोंदिया जल जीवन मिशन प्रकल्प संचालक विजय लोंढे ने कहा कि सुरक्षित जल, स्वच्छता और अच्छी आदतों के माध्यम से डायरिया मुक्त और स्वस्थ गोंदिया बनाने के इस अभियान में प्रत्येक नागरिक को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। रोकथाम ही सर्वोत्तम उपाय है और नागरिकों के सहयोग से यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा।
