मानसून में बढ़ा खतरा! गोंदिया में 3 दिन में सर्पदंश-बिच्छू के डंक के 15 मामले, स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
Gondia Snake Bite: गोंदिया जिले में तीन दिनों में सर्पदंश, बिच्छू के डंक और जहरीले कीटों के काटने के 15 मामले सामने आए हैं। सभी मरीजों का मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज जारी है।
- Written By: अंकिता पटेल
गोंदिया, सर्पदंश, बिच्छू का डंक, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Gondia Snake Bite Monsoon Alert: मानसून के दौरान गोंदिया जिले में सर्पदंश और जहरीले जीव-जंतुओं के हमलों के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। पिछले तीन दिनों (4 से 7 जुलाई) के भीतर जिले में सर्पदंश, बिच्छू के डंक और अज्ञात जहरीले कीटों के काटने की कुल 15 घटनाएं सामने आई हैं। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी घायलों को शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गोंदिया में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल सभी मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
15 मामलों में 6 सर्पदंश, 4 बिच्छू के डंक
4 से 7 जुलाई के बीच दर्ज मामलों में
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- सर्पदंश के 6 मामले
- बिच्छू के डंक के 4 मामले
- अज्ञात जहरीले कीटों के काटने के 5 मामले शामिल हैं।
- सर्पदंश के ये मरीज अस्पताल में भर्ती
सांप के काटने से घायल मरीजों में शामिल हैं
- दुर्गेश विलास वैद्य (28), निवासी खोबा, तहसील सड़क अर्जुनी
- रितिक रूपसेन शेंद्रे (21), निवासी बरबसपुरा, तहसील तिरोड़ा
- दुर्गेश रामजी सोनवाने (29), निवासी केहरीटोला, तहसील सालेकसा
- ताराचंद मानीकराम नागपुरे (35), निवासी कारंजा
- सरस्वता शंकरलाल मडावी (40), निवासी रामाटोला
- किशोर कुवरलाल परिहार (42), निवासी तिरखेड़ी
- बिच्छू के डंक से घायल मरीज
बिच्छू के डंक से घायल मरीजों में
- रविंद्र राधेश्याम उके (35), निवासी हाबुटोला (बिरसी)
- अविनाश विठ्ठलराव बामने (49), निवासी रामनगर
- दुर्गेश राजू चौरे (34), निवासी खातिया
- उमेश केशोराव ब्राम्हणकर (30), निवासी दत्तोरा
शामिल हैं। सभी का अस्पताल में उपचार जारी है।
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मानसून में बढ़ जाता है खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बारिश के मौसम में खेतों में काम करने, झाड़ियों के बीच आने-जाने, रात में बिना टॉर्च या रोशनी के चलने तथा घरों के आसपास नमी और घनी झाड़ियां होने के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खेतों में काम करते समय जूते पहनने, रात में टॉर्च का उपयोग करने और घर के आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई है।
