वाशिम में टोल प्लाजा होगा जब्त! NHAI को कोर्ट का बड़ा झटका, जानें क्या है पूरा मामला

Akola Washim Court Toll Plaza: भूमि अधिग्रहण मुआवजा नहीं मिलने पर वाशिम जिला न्यायालय ने NHAI को बड़ा झटका देते हुए धुमका-तोंडगांव टोल प्लाजा जब्त करने का आदेश जारी किया।
Akola: No compensation for farmers, now the toll plaza is being seized! Major setback for NHAI from the court.
वाशिम कोर्ट, टोल प्लाजा,(सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)
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Akola Washim Toll Plaza Seizure Court: अकोला जिले के वाशिम राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिए जाने के मामले में वाशिम जिला न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को बड़ा झटका दिया है। न्यायालय ने वाशिम जिले के धुमका-तोंडगांव टोल प्लाजा को जब्त करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया। न्यायालय ने किसान को उसके अधिकार का मुआवजा नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए सरकारी कार्यप्रणाली पर भी कड़ी टिप्पणी की।

मुआवजा बढ़ाने के आदेश के बाद भी नहीं मिली राशि

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 161 पर जांभरूण नावजी क्षेत्र में बेबी दिनकर गर्जे एवं उनके पुत्र विठ्ठल गर्जे की भूमि स्थित थी। यह भूमि पहले से अकृषक घोषित थी। वाशिम बायपास मार्ग के निर्माण के लिए इस भूमि का अधिग्रहण किया गया। तत्कालीन भू-अधिग्रहण अधिकारी ने केवल अधिकृत प्लॉट का मुआवजा दिया, जबकि ले-आउट की सड़कें, खुली जगह तथा सार्वजनिक सुविधाओं के लिए छोड़ी गई भूमि का भी अधिग्रहण किया गया था, लेकिन उसका कोई मुआवजा नहीं दिया गया।

इसके बाद किसानों ने अतिरिक्त जिलाधिकारी के समक्ष याचिका दायर की। सुनवाई के बाद आदेश दिया गया कि राज्य राजमार्ग से लगी भूमि होने के कारण संशोधित दर से मुआवजा दिया जाए तथा अधिग्रहित सड़क, खुली जगह और सुविधाओं के लिए छोड़ी गई भूमि का भी नया मुआवजा दिया जाए। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आदेशानुसार राशि का भुगतान नहीं किया।

आदेश के बाद भी भुगतान नहीं, तो न्यायालय पहुंचे किसान

आदेश के बाद भी मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने वाशिम जिला न्यायालय में वसूली के लिए छह आवेदन दायर किए। न्यायालय को बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की जिम्मेदारी होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। किसानों ने कहा कि वाशिम जिले के अधिकार क्षेत्र में आने वाले तोंडगांव-धुमका टोल प्लाजा से प्रतिदिन दो से तीन लाख रुपये से अधिक की टोल वसूली होती है। इसलिए बकाया राशि की वसूली के लिए टोल प्लाजा जब्त किया जाए। न्यायालय ने यह मांग स्वीकार करते हुए टोल प्लाजा जब्त करने का वारंट जारी कर दिया।

देश में पहली बार टोल प्लाजा जब्ती की कार्रवाई?

मामले में किसानों की और से पैरवी कर रहे अधिवक्ता उदय देशमुख ने बताया कि किसानों की मुआवजा राशि की वसूली के लिए न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा को जब्त करने का यह संभवतः देश का पहला मामला है। इस फैसले से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बड़ा झटका लगा है।

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