गोंदिया के 53 शिवभोजन केंद्रों का चार महीने से अनुदान अटका, आर्थिक संकट में संचालक

Shiv Bhojan Subsidy Pending: गोंदिया जिले के 53 शिवभोजन केंद्रों का पिछले चार महीनों से अनुदान लंबित है। केंद्र संचालक उधारी लेकर गरीबों को 10 रुपए में भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
gondia shivbhojan centres four months grant pending
गोंदिया शिवभोजन योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • गोंदिया जिले के 53 शिवभोजन केंद्रों का पिछले चार महीनों से अनुदान लंबित है।

  • जिले में संचालित केंद्रों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन लगभग 5,300 भोजन की थालियां उपलब्ध कराई जाती हैं।

  • शासन की ओर से शहरी केंद्रों को प्रति थाली 40 रुपए और ग्रामीण केंद्रों को 25 रुपए अनुदान दिया जाता है।

Gondia Shiv Bhojan Yojana: आम लोगों को महज 10 रु. में, जरूरत पड़ने पर मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने वाले शिवभोजन केंद्रों के संचालक ही अब आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शासन की प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण पिछले चार महीनों से अनुदान अटका हुआ है। जिले के 53 शिवभोजन केंद्रों का करोड़ों रु। का अनुदान बकाया होने से संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

केंद्रों का रोजाना खर्च निकालने के लिए उन्हें उधारी का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले में वर्तमान में 53 शिवभोजन केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन लगभग 5,300 भोजन की थालियां उपलब्ध कराई जाती हैं। लाभार्थियों से एक थाली के लिए केवल 10 रु. लिए जाते हैं। इसके बदले शासन की ओर से शहरी क्षेत्र में प्रति थाली 40 रु. और ग्रामीण क्षेत्र में 25 रु. का अनुदान दिया जाता है।

लगभग 45 लाख रु. का अनुदान आवश्यक

इन केंद्रों के लिए हर महीने लगभग 45 लाख रु. का अनुदान आवश्यक होता है। शासन के नियमानुसार शिवभोजन केंद्रों को 15 दिनों के भीतर अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद जिले के केंद्रों का अनुदान पिछले चार महीनों से अटका हुआ है।

प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन 100 से 200 तक थालियां तैयार की जाती हैं, जिनके लिए खाद्यान्न, सब्जियां, रसोई गैस और अन्य आवश्यक सामग्रियों पर हजारों रु. खर्च होते हैं। अनुदान नहीं मिलने से संचालकों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। कई संचालक उधार लेकर केंद्र चला रहे हैं।

जुलाई से अनुदान का इंतजार

जिला प्रशासन की ओर से जून महीने तक का अनुदान शिवभोजन केंद्र संचालकों को वितरित किया गया था। लेकिन जुलाई से अब तक का अनुदान शासन स्तर से प्राप्त नहीं हुआ है। यह पहली बार नहीं है, जब अनुदान में इतनी देरी हुई हो।

इससे पहले भी कई बार तीन-तीन महीने तक अनुदान लंबित रहा है। आर्थिक परेशानी के चलते पहले भी कई शिवभोजन केंद्र बंद हो चुके हैं, जबकि कुछ संचालकों ने उधारी लेकर अपनी सेवाएं जारी रखी हैं। अब एक बार फिर केंद्र संचालकों के सामने संचालन जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है।

gondia shivbhojan centres four months grant pending
गोंदिया के 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू

जेब से खर्च कर खिला रहे गरीबों को भोजन

शिवभोजन केंद्र संचालक माया शिवणकर ने कहा कि शिवभोजन के लाभार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए हमे अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। केंद्र चलाने के लिए लगातार निजी राशि लगानी पड़ रही है। शासन गरीबों का पेट भरने वाले संचालकों की परेशानीसमझे। पिछले चार महीनों से अनुदान नहीं मिला है।

शासन स्तर से राशि प्राप्त नहीं हुई

गोंदिया जिला आपूर्ति अधिकारी प्रकाश पाटील ने कहा कि जून महीने तक का अनुदान वितरित किया जा चुका है। जुलाई से अब तक का अनुदान शासन स्तर से प्राप्त नहीं हुआ है। जिले के 53 शिवभोजन केंद्र संचालकों की अनुदान राशि बकाया है। राशि प्राप्त होते ही संबंधित संचालकों को वितरित कर दी जाएगी।

gondia shivbhojan centres four months grant pending
भंडारा में 59 सफाई कर्मचारियों को काम से हटाने पर हंगामा, नौकरी बहाली के लिए वैनगंगा नदी में जलसमाधि आंदोलन

पिछले चार महीने से उधारी पर चला रहे केंद्र

गोंदिया शिवभोजन केंद्र संचालक सौरभ रोकड़े ने कहा कि पिछले चार महीनों से शिवभोजन केंद्रों का अनुदान बकाया है। इसके कारण उधारी लेकर केंद्र चलाने पड़ रहे हैं। शासन की ओर से बार-बार अनुदान रोक दिए जाने से भारी परेशानी होती है। समय पर राशि नहीं मिलने के कारण कुछ संचालकों ने केंद्र बंद भी कर दिए हैं। गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने वाले केंद्र संचालकों का बकाया अनुदान शासन जल्द जारी करें।