गोंदिया ग्रामीण सड़कों पर मवेशियों का कब्जा; अतिक्रमण और गंदगी से यातायात बाधित, ग्राम पंचायत प्रशासन मौन
Gondia News: तुमसर में आरटीओ कैम्प बंद होने से क्षेत्र के लोगों को भंडारा जाना पड़ रहा है। स्थायी आरटीओ कार्यालय की मांग को लेकर स्थानीय लोग आवाज उठा रहे हैं। इससे समय और आर्थिक नुकसान हो रहा है।
Maharashtra Rural Development: क्षेत्र में आरटीओ सेवाओं के अभाव को लेकर नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। वर्षों तक तुमसर रोड स्थित देव्हाडी में संचालित आरटीओ कैम्प पिछले करीब 5 वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके चलते आम नागरिकों को छोटी-छोटी औपचारिकताओं के लिए भी भंडारा जाना पड़ रहा है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि समय की भी भारी बर्बादी हो रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पहले हर महीने देव्हाडी के विश्राम गृह में दो बार आरटीओ कैम्प लगाया जाता था। इस व्यवस्था से तुमसर शहर सहित तहसील के लगभग 150 गांवों के वाहनधारकों को बड़ी सुविधा मिलती थी। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय किए बिना ही लर्निंग लाइसेंस, वाहन कर (टैक्स) भुगतान, रजिस्ट्रेशन और अन्य आवश्यक कार्य आसानी से निपटाने का अवसर मिलता था।
लेकिन कैम्प बंद होने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब लोगों को 40 से 45 किलोमीटर दूर भंडारा तक का सफर करना पड़ता है, जो विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के गांवों के नागरिकों के लिए कठिन साबित हो रहा है। परिवहन की सीमित सुविधाओं के कारण यह यात्रा समयसाध्य और खर्चीली बन गई है।
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महिलाओं और छात्रों को अधिक कठिनाई
आरटीओ कैम्प बंद होने का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और छात्रों पर पड़ा है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने, ड्राइविंग टेस्ट देने या वाहन से संबंधित अन्य जरूरी कार्यों के लिए उन्हें बार-बार भंडारा जाना पड़ता है। यदि देव्हाडी में पूर्ववत कैम्प शुरू किया जाता है, तो नाकाडोंगरी, सिहोरा और आसपास के गांवों के नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
वाहनों की बढ़ती संख्या से बढ़ी जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में तुमसर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। दोपहिया, चारपहिया, ट्रैक्टर और व्यावसायिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब केवल अस्थायी कैम्प पर्याप्त नहीं माना जा रहा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तहसील स्तर पर स्थायी आरटीओ कार्यालय स्थापित करना समय की मांग बन चुका है।
स्थायी समाधान की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता आलम खान ने प्रशासन से मांग की है कि नागरिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तुमसर में स्थायी आरटीओ कार्यालय शुरू किया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता और गति आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि देव्हाडी में आरटीओ कैम्प को पुनः शुरू करना एक तात्कालिक समाधान हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से स्थायी कार्यालय की स्थापना ही क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक है।
