नागपंचमी पर गोंदिया में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, बाघ नदी से जल लेकर शिवालयों तक पहुंचेगी कांवड़ यात्रा

Nag Panchami 2026: नागपंचमी पर गोंदिया में हजारों कांवड़िए बाघ नदी से जल लेकर शिवालयों में पहुंचेंगे। कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक और नागदेवता पूजा को लेकर तैयारियां पूरी हैं।
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गोंदिया कांवड़ यात्रा(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nag Panchami Gondia: नागपंचमी पर 17 अगस्त को विभिन्न स्थानों पर कावड़ यात्रा आयोजित है। इसमें कावडियां बाघ नदी से जल लाकर शिवालयों में अभिषेक करेंगे। मध्यप्रदेश- महाराष्ट्र की सीमा से सटी बाघ नदी से अनेक शिव भक्त यात्रा में शामिल होंगे और अलग-अलग शिव मंदिर में अभिषेक कर पूजा पाठ करेंगे। प्रति वर्षानुसार इस बार भी विभिन्न झांकियां व डीजे के भक्तीमय गीतों के साथ कावड़ यात्रा की सुबह से ही शुरूआत होगी। सावन के नागपंचमी को गांव व शहर के कांवडियां बडी संख्या में कांवड़ यात्रा निकालेंगे जिससे जय भोले के जयघोष का भक्तीमय माहौल होगा। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागपंचमी पर खेतों के काम बंद रहते हैं जिस वजह से इस दिन गांवों में भी कांवड यात्रा का आयोजन होता है।

नागपंचमी पर होंगे साक्षात नागराज के दर्शन

जिले की तिरोड़ा तहसील के पूर्व दिशा में ग्राम खडकी डोंगरगांव यह ग्राम पहाड़ी पर बसा हुआ है। वैसे तो खड़की व डोंगरगांव यह दोनों अलग-अलग ग्रामों के नाम है। लेकिन दोनों ग्रामों की सीमा एक पहाड़ी पर मिलती है। जहां शंकर भगवान व नाग देवता का मंदिर है। जहां नागरिकों की मान्यता अनुसार प्रत्येक वर्ष के नागपंचमी के दिन लगभग 2 से 3 नाग सांप के दर्शन होते है। जिसे देखने के लिए आस पडोस के अनेक ग्रामों के लोग वहां एकत्र होते है।

दहीकाला तथा महाप्रसाद का आयोजन

जानकारी के अनुसार लगभग 25 से 30 वर्ष पूर्व आंबेतालाब ग्राम में बैलों का शंकर पट होता था उस वक्त तिरोड़ा निवासी महेश असाटी की बैल जोड़ी शंकर पट की दौड़ पट्टी से छोड़कर अलग दिशा में भाग जाते थे। बार बार कोशिश करने पर भी वह बैलजोड़ी दौड़ पट्टी पर नहीं आते थे जिस पर ग्राम के नागरिकों ने असाटी परिवार को पहाड़ी पर स्थित नाग मंदिर में पूजा करने की सलाह दी थी। एक बार आंबेतालाब परिसर में एक चरवाहा अपने मवेशी लेकर गया था तभी उसे पहाड़ी पर स्थित दो पत्थरों के बीच में सांप नजर आए जिसकी जानकारी उस चरवाहे ने ग्राम के नागरिकों को दी। उस नाग के दर्शन करने संपूर्ण ग्राम के लोग वहां पहुंचे थे। तब से इस पहाड़ी पर प्रत्येक नागपंचमी पर साक्षात नाग के दर्शन होते है। ग्राम के लोग नागपंचमी के दिन नाग के दर्शन करने के बाद उसी परिसर में सांस्कृतिक व दहीकाला तथा महाप्रसाद का आयोजन करते है।

बाघ नदी के जल से होगा अभिषेक

नागपंचमी के दिन बाघ नदी पर हजारों कांवड़ियों का तांता लगेगा और बाघ नदी के जल से तहसील के शिवालयों में अभिषेक होगा। गोंदिया तहसील के रावणवाडी, मुरपार, खातिया, मोगर्रा, गर्रा आदि गांवों के शिवभक्त महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा से सटी बाघ नदी पर पहुंचेंगे और कांवड़ में जल भरकर पदयात्रा निकालेंगे। रावणवाडी-रजेगांव मार्ग पर शिवभक्त डिजे, ढोल ताशे की धुन पर थिरकते नजर आएंगे। वहीं विभिन्न गांवों के शिवभक्तों द्वारा झांकियां निकाली जाएगी। जिससे गोंदिया-रावणवाडी मार्ग पर नागपंचमी के दिन शिवमय वातावरण रहेगा।

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हजारों कांवड़ियों का लगेगा तांता

कावडियां बाघ नदी से जल लाकर गांव का भ्रमण कर शिवालयों में पहुंचेंगे और पूजा पाठ करने के बाद भोलेबाबा का जलाभिषेक करेंगे। नागपंचमी पर हजारों कि संख्या में कावडिया बाघ नदी पर पहुंचेंगे, इसके लिए रावणवाडी पुलिस द्वारा सुरक्षा के इंतजाम किए गए है तथा गोंदिया-रावणवाडी मार्ग पर यातायात सुचारू रहे इसलिए भी सजग रहते हैं। बारिश के कारण बाघ नदी का जलस्तर बढ गया है। जिससे शिवभक्तों और कांवड़ियों से धार्मिक पर्व शांतिपूर्ण रूप से मनाने कि अपील की गई है। बताया गया कि नागपंचमी पर कावड यात्रा के अलावा विभिन्न गांवों में शिव तांडव नृत्य का भी आयोजन शिवभक्तों द्वारा किया जाता है। कांवड़ियों के लिए कावडयात्रा मार्ग पर अल्पोहार व शितल जल आदि कि व्यवस्था की जाती है।

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