अकोला की स्कूलों में नहीं पहुंचीं निःशुल्क किताबें, सीईओ ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

Akola Education Department: अकोला की कई निजी अनुदानित प्राथमिक शालाओं में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं। मामले में प्रशासन ने स्कूलों से रिपोर्ट मांगी हैं।
akola schools free textbooks shortage administration action
अकोला निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Free Textbooks Shortage In Akola: अकोला जिले की कई निजी अनुदानित प्राथमिक शालाओं में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। जि.प. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनय नावंदर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसके बाद जिले के सभी समूह शिक्षण अधिकारियों से पाठ्यपुस्तकों के वितरण की वास्तविक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर जिन शालाओं में किताबों की कमी है, वहां तत्काल पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन ने मांगी वितरण की रिपोर्ट

भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनीष गावंडे ने जि।प। के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनय नावंदर से मुलाकात कर जिले के अनेक विद्यार्थियों को अब तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलने की जानकारी दी थी। उन्होंने इस संबंध में सीईओ को ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान रोकने के लिए तत्काल उपाययोजना करने की मांग की थी। निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार हैं। किताबों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए सीईओ अनय नावंदर ने शिक्षा विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिससे हड़कंप मच गया है।

शीघ्र आपूर्ति के निर्देश कमी वाली शालाओं में होगी तत्काल आपूर्ति

शिक्षा विभाग द्वारा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित शालाओं में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिन शालाओं में अतिरिक्त किताबें उपलब्ध हैं, वहां से कमी वाली शालाओं में पुस्तकों का समायोजन करने की संभावना भी है। मनीष गावंडे ने कहा कि जिले के प्रत्येक विद्यार्थी को समय पर पाठ्यपुस्तकें मिलने तक भाजपा ओबीसी मोर्चा इस विषय का लगातार फॉलोअप करता रहेगा। विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को देखते हुए प्रशासन द्वारा की गई तत्काल कार्रवाई का उन्होंने स्वागत किया है।

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