

Sadak Arjuni Farmers: सरकार भले ही किसान हित में योजनाओं और डिजिटल सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन सड़क अर्जुनी तहसील के करीब डेढ़ हजार किसान अब भी फार्मर आईडी से वंचित हैं। इसके चलते इन किसानों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो गया है। सरकार ने कृषि संबंधी विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य किया है। इसके लिए किसानों की ओर से भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
हालांकि, वर्ष 2024 के बाद कृषि जमीन खरीदने वाले किसानों के नाम पर फार्मर आईडी तैयार नहीं हो पा रही है। शासन की इस तकनीकी व नीतिगत अड़चन के कारण संबंधित किसानों को योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार ने किसानों की जमीन को आधार से जोड़ने, कृषि योजनाओं, फसल कर्ज, जमीन की खरीद-बिक्री सहित अधिकांश प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने के उद्देश्य से एग्रीस्टैक योजना शुरू की है। एग्रीस्टैक में पंजीयन के बाद किसान फार्मर आईडी के लिए पात्र होता है और इसके माध्यम से उसे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। लेकिन फार्मर आईडी नहीं होने से करीब डेढ़ हजार किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सड़क अर्जुनी तहसील में अब तक 25,748 किसानों का फार्मर आईडी पंजीयन हो चुका है। वहीं, वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान उपनिबंधक कार्यालय से कृषि जमीन खरीदने वाले करीब 1,500 किसान फार्मर आईडी से वंचित हैं। संबंधित किसान अब फार्मर आईडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अर्जुनी मोरगांव के उपविभागीय अधिकारी ज्योति कांबले ने कहा कि वर्ष 2024 के बाद कृषि जमीन खरीदने वाले किसानों को फार्मर आईडी उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही इन किसानों को फार्मर आईडी मिलने की उम्मीद है।