रबी में अच्छी फसल की आस, वन्य प्राणी कर रहे नुकसान, वन विभाग से ध्यान देने की मांग

Gondia Rabi Crop: गोंदिया जिले में रबी फसल से उम्मीद लगाए किसानों की फसलों को जंगली सूअरों से नुकसान हो रहा है, जिस पर वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
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Wild Boar Crop Loss (सौजन्य: सोशल मीडिया)
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Gondia Farmer Issue: गत वर्ष हुई अतिवृष्टि के कारण प्रभावित किसानों को इस बार रबी मौसम से काफी उम्मीदें हैं। खेतों में खून-पसीना बहाकर मेहनत करने वाले किसानों को पिछले कुछ वर्षों से लगातार नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के बदलते मिजाज से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

पिछले वर्ष खरीफ फसलों की कटाई के समय बेमौसम बारिश हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ। इससे पहले भी अतिवृष्टि ने किसानों को संकट में डाल दिया था। इन कठिन परिस्थितियों से जैसे-तैसे बाहर निकलकर किसानों ने रबी फसलों की बुवाई की है और अब उन्हें इस मौसम से काफी उम्मीदें हैं।

किसानों को अब रबी फसल से उम्मीदें

किसान पूरे वर्ष खेत में मेहनत करने के बाद फसल उत्पादन करता है और बिक्री के बाद वर्षभर का आर्थिक नियोजन करता है। इसी से परिवार की आजीविका चलती है और कर्ज का भुगतान होता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। बेमौसम बारिश से खरीफ की धान फसल के साथ सब्जियों और अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हुआ था। जिले के गोंदिया, आमगांव, सालेकसा, देवरी, सड़क अर्जुनी, अर्जुनी मोरगांव, गोरेगांव और तिरोड़ा तहसील के किसानों को अब रबी फसल से उम्मीदें हैं।

मौसम चक्र में बदलाव

पहले मौसम समय पर अपना चक्र पूरा करता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है। गर्मी, सर्दी और बारिश के समय में असंतुलन का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। कई बार मौसम विभाग के अनुमान भी गलत साबित हो जाते हैं। त्रि-ऋतु चक्र में बदलाव से खेती व्यवसाय बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है। फसलों पर विभिन्न बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ रही हैं।

सरकार से सहायता की उम्मीद

इस परिस्थिति में किसान सरकार से मदद की आस लगाए बैठे हैं। खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतें पहले की तुलना में बढ़ गई हैं। इतनी लागत के बाद भी किसानों के हिस्से में निराशा ही आ रही है। प्राकृतिक आपदा के बाद सरकार घोषणाएं तो करती है, लेकिन नियमों और शर्तों के आधार पर मिलने वाली राहत अक्सर लागत भी नहीं निकाल पाती। ऐसे में किसान के सामने सवाल खड़ा हो जाता है कि वह कर्ज चुकाए, परिवार का पालन-पोषण करे या अगले सीजन की तैयारी करे।

जंगली सूअरों का आतंक

किसानों ने रबी मौसम के लिए खेतों में धान की रोपाई की है, लेकिन जंगली सूअर फसलों को रौंदकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। साथ ही किसानों को जंगली सूअरों से जान का खतरा भी महसूस हो रहा है। किसानों ने वन विभाग से तत्काल ध्यान देकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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