कर्जदार किसानों के बैंक खाते फ्रीज, मुश्किल में किसान, जिला बैंक की कार्रवाई पर किसानों ने उठाए सवाल

Cooperative Society Gondia: गोंदिया में बकाया कर्ज के चलते जिला सहकारी बैंक ने किसानों के खाते फ्रीज कर दिए हैं, जिससे परेशान किसानों ने जिलाधीश से हस्तक्षेप की मांग की है।
district cooperative bank action
Gondia farmers accounts frozen (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gondia Farmers: राज्य सरकार जहां किसानों को राहत देने के लिए कर्ज राहत योजना पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर गोंदिया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा बकाया कर्जदार किसानों के बैंक खाते फ्रीज किए जाने से किसान मुश्किल में आ गए हैं। बैंक की इस कार्रवाई को लेकर किसानों में नाराजगी है और वे फ्रीज खातों को तत्काल चालू करने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, संबंधित प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी संस्थाएं और गोंदिया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा स्तर पर बकाया कर्ज वाले सदस्य किसानों की जानकारी एकत्र कर निर्धारित नमूना प्रपत्र ‘अ’ और ‘ब’ में संकलित कर रहे हैं। सेवा सहकारी संस्थाओं के स्तर पर बकाया कर्ज खातों और अन्य विवरण जुटाने का काम जारी है।

किसानों पर सेवा सहकारी संस्थाओं का कर्ज बकाया

जिन किसानों पर सेवा सहकारी संस्थाओं का कर्ज बकाया है, उनसे आधार कार्ड, फार्मर आईडी और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिन किसानों ने अभी तक जानकारी नहीं दी है, उन्हें संबंधित संस्था या बैंक के वसूली अधिकारी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

जिलाधीश से हस्तक्षेप की मांग

बैंक द्वारा खातों को फ्रीज किए जाने से परेशान किसानों ने जिलाधीश और सहकार विभाग से मामले में ध्यान देने की मांग की है। जिला उपनिबंधक सहकारी संस्थाएं, गोंदिया और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किसानों से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। सेवा सहकारी संस्थाएं गांव स्तर पर स्थापित हैं और संबंधित क्षेत्रों के किसान इनके सदस्य हैं। इन्हीं संस्थाओं के माध्यम से किसानों को फसल कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।

ऑनलाइन पंजीयन से होती है धान खरीदी

प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी संस्था के सदस्य किसानों को जिला बैंक द्वारा नाबार्ड के माध्यम से फसल कर्ज दिया जाता है। यही समितियां सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के तहत धान खरीदी केंद्र संचालित करती हैं और किसानों का ऑनलाइन पंजीयन कर धान की खरीदी करती हैं।

क्योंकि फसल कर्ज बैंक के जरिए दिया जाता है, इसलिए किसानों के बैंक खाते अनिवार्य होते हैं। सरकार द्वारा धान खरीदी का भुगतान और घोषित बोनस की राशि भी इन्हीं खातों में जमा की जाती है। ऐसे में खातों के फ्रीज होने से किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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