जमीन की भूख ने बनाया कातिल: गोंदिया में किसान की हत्या का राज खुला, अपनों ने ही रची थी साजिश

Gondia Murder Case News: मलपुरी के किसान हुसैन रहांगडाले की हत्या की गुत्थी सुलझी। जमीन विवाद के कारण परिजनों ने भाड़े के हत्यारों के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम। एक नाबालिग समेत 6 हिरासत में।
Land Greed Turns Killers: Mystery Behind Farmer's Murder in Gondia Solved The Conspiracy Was Hatched by His Own Kin
हत्या की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Gondia Murder Case: गाेंदिया जिले के मलपुरी निवासी किसान हुसैन सेवकराम रहांगडाले (55) 18 अप्रैल, शनिवार की सुबह हर रोज की तरह अपने मवेशियों को लेकर खेत की ओर निकले थे। कुछ ही समय बाद गांव में खबर फैली कि उनका शव खेत के पास स्थित नए तालाब के किनारे संदिग्ध अवस्था में पड़ा है। जब परिजनों और ग्रामीणों ने शव देखा, तो हुसैन के गले पर किसी तीखे हथियार के गहरे निशान थे। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए गोरेगांव पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

5 साल पुराना विवाद और साजिश का जाल

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि हुसैन रहांगडाले का अपने ही रिश्तेदारों के साथ पिछले 5 वर्षों से घर की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह के कारण नागपुर के बुट्टीबोरी में रहने वाले उनके रिश्तेदार हेमराज रहांगडाले (55) और राहुल रहांगडाले (26) ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा और जुन्नारदेव से भाड़े के अपराधियों को बुलाया था।

नागपुर से छिंदवाड़ा तक फैला आरोपियों का नेटवर्क

पुलिस ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर दो टीमों का गठन किया। सबसे पहले मुख्य आरोपी हेमराज और राहुल को नागपुर के बुट्टीबोरी से हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया और अपने साथियों के नाम भी उजागर किए। इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है:

  • राहुल रहांगडाले व हेमराज रहांगडाले (बुट्टीबोरी, नागपुर)
  • राहुल जगराम कुंभरे (छिंदवाड़ा, मप्र)
  • करण जगदीश नरे व अभिषेक नरे (जुन्नारदेव, मप्र)
  • एक नाबालिग आरोपी

सुचारू जांच और पुलिस की सफलता

जमीन के लिए अपनों ने ही खून का रिश्ता भुलाकर हुसैन को मौत के घाट उतार दिया। आरोपियों ने इतनी सफाई से हत्या की थी कि शुरुआत में इसे संदिग्ध मौत माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से महज कुछ ही दिनों में पूरी गुत्थी सुलझ गई। सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरेगांव पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में और भी लोग शामिल थे या आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।

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