100 साल बाद भी गोंदिया नगर परिषद के पास नहीं डंपिंग यार्ड, ठेकेदार के भरोसे कचरा प्रबंधन
Municipal Dumping Yard Issue: गोंदिया नप को 100 साल बाद भी खुद का डंपिंग यार्ड नसीब नहीं हुआ। 8.73 करोड़ रुपये का फंड मंजूर होने पर भी 50 टन कचरा ठेकेदार की निजी जमीन पर डंप किया जा रहा है।
- Written By: केतकी मोडक
ठेकेदार की निजी जमीन पर डंप किया जा रहा है कचरा (सोर्स - फोटो नवभारत)
Gondia Waste Management Crisis: गोंदिया जिला मुख्यालय में नप को ‘अ’ श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। यह नप 100 वर्ष पार कर गई। शहर पर कब्जा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शहर की जनसंख्या 1,39,813 है, जबकि क्षेत्रफल 18.08 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। गोंदिया नप की स्थापना 1920 में हुई थी। लेकिन, शहर से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 50 मीट्रिक टन कचरे का प्रबंधन करने के लिए नपा के पास अभी भी अपना ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रकल्प नहीं है।
नप के पास साधारण डंपिंग यार्ड तक नहीं है। इसलिए शहर से निकलने वाले कचरे को किसी भी स्थान पर डंप किया जा रहा है। इस बीच पिछले कुछ वर्षों से नगर पालिका प्रशासन ने कूड़ा उठाने का ठेका दिया है। इस ठेकेदार के कंपनी की जगह हिरडामाली में स्थित है, जो शहर से कुछ दूरी पर है। ठेकेदार ने अपने परिसर में एक ठोस प्रबंधन प्रकल्प तैयार किया है। कुछ वर्ष पहले नप ने इस प्रकल्प के लिए जगह की तलाश की थी।
लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण यह भी विफल हो गया। कभी स्थानीय लोगों का विरोध तो कभी एयरपोर्ट अथॉरिटी की आपत्ति ने कूड़े की समस्या को विकराल कर दिया है। 8.73 करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ रही है। फरवरी 2022 के अधिवेशन में विधायक विनोद अग्रवाल ने यह मुद्दा उठाया था।
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का मुद्दा दशकों से लंबित
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का मुद्दा दशकों से लंबित है क्योंकि धन की उपलब्धता के बावजूद उपयुक्त स्थान खोजने में अक्सर कठिनाइयां आती है। जगह मिलने में दिक्कत होने के कारण शहर के विभिन्न स्थानों पर छोटी-छोटी इकाइयां शुरू कर नागरिकों द्वारा अपने स्तर पर गीले कचरे से खाद बनाना ही मुख्य विकल्प रह गया है। स्थानीय स्व-सरकारी निकायों के लिए कचरे की मात्रा और स्रोत का अध्ययन करना और वार्ड-वार कार्य योजना तैयार करना अनिवार्य है।
हिरडामाली प्रबंधन परियोजना का स्वामित्व नप के पास
नप गोंदिया मुख्याधिकारी संदीप बोरकर ने कहा है कि “शहर में कोई अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना स्थापित नहीं किया गया है। उसके लिए प्रयास चल रहे हैं। वर्तमान में, हिरडामाली में एक अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना स्थापित की गई है। लेकिन यह ठेकेदार का है, लेकिन कहा जा सकता है कि इसका स्वामित्व नगर पालिका के पास है। अंततः, कचरा हमारे नप का ही जाता है।”
वर्तमान में कचरा संग्रहण केंद्र के लिए कोई निधि नहीं
नप स्वच्छता अभियंता नितीन गौरखेडे ने कहा है कि “शहर से प्रतिदिन मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र किया जाता है। हां, जगह की कमी से नप के स्वामित्व में कोई कचरा संग्रहण केंद्र नहीं है। जिस व्यक्ति को ठेका दिया गया। उसने हिरडामाली में अपने परिसर में एक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित किया है। वर्तमान में केंद्र के लिए कोई निधि नहीं है।”
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जल्द कचरा प्रबंधन परियोजना स्थापित करेंगे
नप गोंदिया नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने कहा है कि “नप के स्वामित्व में कोई 66 अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना नहीं है इस प्रकल्प को स्थापित करने के लिए जगह की तलाश जारी है। नप प्रशासन इसके लिए प्रयासरत है। वर्तमान में ठेकेदार के माध्यम से हिरडामाली में अपशिष्ट प्रबंधन किया जा रहा है। हम जल्द ही गोंदिया में कचरा प्रबंधन परियोजना स्थापित करेंगे।”
स्वच्छता का पैसा ठेकेदारों की जेब में
गोंदिया शहर में कूड़ा सबसे बड़ी समस्या है। कुछ पार्षदों का आरोप है कि व्यवस्थापन का निधि मिलने के बाद भी जगह नहीं मिलने का बहाना बनाकर उस निधि से आने वाले ब्याज का इस्तेमाल यहां के ठेकेदारों के पेट भरने के लिए किया जा रहा है।
