लोग खाते हैं इसलिए बिकता है गुटखा, एफडिए आयुक्त तुकाराम मुंढे के मकोका वाले फैसले पर भड़के फडणवीस के मंत्री

Minister On Gutkha Ban: गुटखा माफियाओं पर मकोका लगाने वाले FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के फैसले पर भड़के मंत्री संजय सावकारे, कहा लोग खाते हैं इसलिए बिकता है गुटखा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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तुकाराम मुंढे के निर्णय पर मंत्री का स्टेटमेंट (सोर्स: एआई फोटो)
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Minister Sanjay Savkare On MCOCA Action: महाराष्ट्र में इन दिनों गुटखा माफियाओं और प्रशासन के बीच आर-पार की जंग छिड़ी हुई है। एक तरफ अन्न व औषध प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अपनी 'सिंघम' वाली छवि के अनुरूप गुटखा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए मकोका जैसा सख्त कानून लागू कर दिया है, तो दूसरी तरफ सरकार के ही एक मंत्री ने इस कार्रवाई पर ऐसा अजीब तर्क दिया है जिससे नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

मुंढे का मकोक प्रहार: अब खैर नहीं!

FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने साफ कर दिया है कि गुटखा, तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाले का अवैध धंधा अब सामान्य अपराध नहीं माना जाएगा। उन्होंने आदेश दिया है कि इस अवैध व्यापार में शामिल पूरी चेन चाहे वह उत्पादक हो, सप्लायर हो, ट्रांसपोर्टर हो या गोदाम मालिक सब पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस सख्त कदम से गुटखा माफियाओं में हड़कंप मच गया है क्योंकि मकोका लगने के बाद जमानत मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

मंत्री संजय सावकारे का अजीब तर्क

इस कड़ी कार्रवाई के बीच राज्य के मंत्री संजय सावकारे का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, तंबाकू का चलन बहुत पुराना है। लोग खाते हैं इसलिए दुकानदार बेचते हैं। अगर लोग खाना बंद कर देंगे, तो बिक्री अपने आप बंद हो जाएगी। मंत्री ने यहां तक कह दिया कि अगर घर में तंबाकू खाने वाले आम लोगों पर मकोका जैसा कानून लगाया गया, तो यह सरकार के ही गले की हड्डी बन जाएगा।

कार्रवाई नहीं काउंसलिंग करना चाहिए

मंत्री संजय सावकारे का मानना है कि अवैध विक्रेताओं पर जेल की सख्त कार्रवाई करने के बजाय, प्रशासन को उन लोगों का काउंसलिंग करना चाहिए जो तंबाकू खाते हैं। उन्होंने अपील की कि लोगों को खुद अपनी सेहत के लिए तंबाकू छोड़ना चाहिए। हालांकि, उनके इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसी तर्क को नशे के अन्य सामानों या अवैध धंधों पर भी लागू किया जा सकता है?

कानून बनाम तर्क की लड़ाई

सूत्रों के अनुसार, पुलिस का तर्क है कि मकोका सामान्य ग्राहकों पर नहीं, बल्कि उन संगठित गिरोहों पर लगाया जाता है जो करोड़ों का अवैध व्यापार कर रहे हैं। तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में रत्नागिरी से लेकर मुंबई तक छापेमारी जारी है, जहां लाखों का गुटखा जब्त किया गया है। अब देखना यह होगा कि मंत्री जी के इस विरोध के बाद प्रशासन अपनी सख्ती जारी रखता है या फिर गुटखा माफियाओं को फिर से डिमांड और सप्लाई के नाम पर राहत मिल जाती है।

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