केरोसीन वितरण (सौजन्य-नवभारत)
Kerosene for Antyodaya Holders: खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की वजह से ईंधन आपूर्ति पर असर पड़ा है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कमी की समस्या को हल करने के लिए सरकार ने ग्रामीण इलाकों में राशन कार्ड धारक को गैस सिलेंडर के विकल्प के तौर पर केरोसीन वितरित करने की तैयारी की है। इसके तहत जिले में केरोसीन के 5 टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं, जो करीब 60 हजार लीटर केरोसीन है।
केरोसीन वितरण का शुभारंभ 30 मार्च को जिलाधीश प्रजीत नायर के हस्ते होगा। उपलब्ध केरोसीन को ग्रामीण इलाकों में अंत्योदय, विधवा, बेघर, बेसहारा और दिव्यांग लोगों को दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि जरूरत के हिसाब से फिर से केरोसीन उपलब्ध कराया जाएगा।
खाड़ी देशों में युद्ध का असर घरेलू सिलेंडर के वितरण पर पड़ा है। सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को एजेंसियों पर लाइन लगानी पड़ रही है। सिलेंडर के विकल्प के रूप में केरोसीन के वितरण के अनुरूप खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 20 मार्च को केरोसीन वितरण के आदेश जारी किए थे।
वारिस के नाम पर हॉकर्स, रिटेल, सेमी-होलसेल और होलसेल केरोसीन लाइसेंस की मंजूरी, रिन्यूअल और ट्रांसफर के संबंध में जिला आपूर्ति विभाग को दिशा-निर्देश दिए गए थे। गोंदिया जिले के लिए अब तक 60 हजार लीटर केरोसीन उपलब्ध कराया गया है। केरोसीन वितरण में ग्रामीण क्षेत्रों के राशन कार्ड धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जिले में 3 लाख 5 हजार राशन कार्ड धारक हैं। इसके हिसाब से केरोसिन की मांग का पंजीयन किया जाना था। लेकिन, शुरुआत में दिव्यांग, अंत्योदय, विधवाओं और बेघर, बेसहारा को केरोसिन वितरित करने के आदेश जारी किए गए है। इसके हिसाब से सिर्फ 60 हजार लीटर केरोसिन ही मिला है, ऐसी जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी प्रकाश पाटिल ने दी है।
जिले में रोजाना 4999 घरेलू गैस सिलेंडर की मांग है। इसके मुकाबले, 5434 गैस सिलेंडर का स्टॉक मौजूद है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का काफी स्टॉक है और कोई कमी नहीं है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल का भी काफी स्टॉक है।
गोंदिया जिला आपूर्ति अधिकारी व उप जिलाधीश प्रकाश पाटिल ने बताया ग्रामीण इलाकों में अंत्योदय, विधवा, गरीब, दिव्यांग और विकलांग वर्ग के लोगों को केरोसीन वितरित किया जाएगा। जिसका शुभारंभ 30 मार्च से शुरू किया जाएगा और मांग के हिसाब से केरोसिन दोबारा मंगाया जाएगा।
अभी 60 हजार लीटर केरोसीन मौजूद है। जिले में पेट्रोल और डीजल का काफी स्टॉक है। विभिन्न कारणों से 4 से 5 प्रश। पेट्रोल पंप बंद हैं, उनका ईंधन की कमी से कोई लेना-देना नहीं है और आपूर्ति नियमित चल रही है। इसलिए लोग अफवाहों के शिकार न बने।
यह भी पढ़ें – यवतमाल का वो ‘खरात बाबा’, जिसके चरणों में झुकती थी दिल्ली की सत्ता! सांसद बनने निकला था, पहुंच गया जेल