सपनों के महल पर 'निधि' का ग्रहण! गोंदिया में 42,551 गरीबों के घरकुल का काम अधर में लटका

Gondia Housing Scheme: गोंदिया में घरकुल योजना संकट में! 42,551 लाभार्थियों की किश्तें 6 महीने से बकाया। प्रधानमंत्री और मोदी आवास योजना का काम रुका। जानें जिले की ताजा स्थिति।
Gharkul Scheme in Crisis in Gondia! Installments for 42,551 Beneficiaries Pending for 6 Months. Work on Prime Minister's and Modi Awas Schemes Halted. Get the Latest Status of the District.
घरकुल योजना (सौजन्य-नवभारत)
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PM Awas Yojana: एक तरफ सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना, मोदी आवास योजना, रमाई आवास योजना और शबरी आवास योजना जैसी गृह निर्माण योजना के जरिए गरीब और जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए घरकुल मंजूर करती है। लेकिन, पिछले छह महीने से घरों की किश्तें बकाया होने से लाभार्थी आर्थिक तंगी में हैं। निधि की कमी के कारण कई घरों का काम रुका हुआ है। जिले में 42,551 लाभार्थियों के घरों का काम रुका हुआ है।

गृह निर्माण योजना के तहत घर बना रहे लाभार्थियों को इस कमजोर व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कई लोग निर्माण कार्य रोक देते हैं या अपना निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कर्ज लेते हैं। लाभार्थियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीण इलाकों के लाभार्थियों ने रुके हुए घरकुल निर्माण को पूरा करने की मांग की हैं।

बकाया किश्ते तुरंत देने की मांग

घरकुल बनाने के लिए मजदूरों को लगभग 18,000 रु. मस्टर के जरिए दिए जाते हैं। मस्टर ऑनलाइन तो कर दिया गया है, लेकिन निधि न होने की वजह से 4 से 6 महीने बीत चुके हैं। कई घरकुल लाभार्थियों की मजदूरी अभी तक मजदूरों के खाते में जमा नहीं हुई है। लाभार्थियों ने बकाया किश्ते तुरंत देने की मांग की है।

अब घरकुल का काम थोड़ा-बहुत चल रहा

पहले रेत की कमी की वजह से घरकुल का काम रुका हुआ था। अब घरकुल का काम थोड़ा-बहुत चल रहा है। जिले ने 37.75 प्रतिशत के साथ राज्य में घरकुल बनाने में पहला स्थान हासिल किया है। घरकुल लाभार्थियों को किश्तें भी दी जा रही हैं। - प्रमिला जाखलेकर, प्रकल्प संचालक, जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा, जिप गोंदिया

अभी तक सिर्फ पहली किश्त ही मिली

किश्तें न मिलने की वजह से घर का काम अधर में लटका हुआ है। अभी तक सिर्फ पहली किश्त ही मिली है। - मुनेश्वर कोल्हारे, झांजिया, लाभार्थी

पैसे उधार लेने को मजबूर

छह महीने बाद भी घर की किश्तें नहीं मिली हैं। इस वजह से पैसे उधार लेकर जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। सरकार इस पर ध्यान दें और किश्तें तुरंत दें। - धनवंता राउत, लाभार्थी झांजिया

घरकुल के लिए आर्थिक समस्या उत्पन्न

घरकुल योजना के तहत घर बन रहे हैं, लेकिन छह महीने बाद भी किश्तें नहीं मिली हैं। इससे आर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही है।

- पन्नालाल हरिनखेड़े, लाभार्थी, परसवाड़ा

जिले में घरकुल के बारे में जानकारी

क्रमांक तहसील मंजूर घरकुल पूरे हुए घरकुल
1 आमगांव 6,128 2,370
2 अर्जुनी मोर 7,267 2,492
3 देवरी 6,621 2,868
4 गोंदिया 14,794 56,425
5 गोरेगांव 10,333 4,004
6 सड़क अर्जुनी 8,251 2,918
7 सालेकसा 4,645 2,231
8 तिरोड़ा 7,877 3,057
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