फुलचुर व फुलचुरटोला प्रभाग रचना मामला: प्रशासन पर न्यायालय की अवमानना का आरोप, जिलाधीश को सौंपी गई शिकायत
Gondia Gram Panchayat News: फुलचुर व फुलचुरटोला ग्राम पंचायत की प्रभाग रचना में हाई कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप लगा है। पूर्व जिप सदस्य राजेश चतुर ने जिलाधीश से अवमानना की शिकायत की है।
Gondia News: गोंदिया ग्राम पंचायत फुलचुर व फुलचुरटोला की प्रभाग रचना करने के लिए ग्राम विकास विभाग द्वारा 17 फरवरी की अधिसूचना को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में आह्वान किया गया था। पूर्व जिप सदस्य व भाजपा नेता राजेश चतुर द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका क्र।2133/26 दायर की थी।
इस याचिका का निर्णय मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ द्वारा अपने 11 मार्च 2026 के निर्णय में स्पष्ट आदेश दिया था कि भूमि अधीक्षक, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी व जिलाधीश ने महाराष्ट्र शासन राजपत्र 2 २ मार्च 1972 व शासन राजपत्र 23 जून 1994 व जमीन राजस्व अधिनियम 1966 की धारा 4 1 का पालन करना होगा व जब तक यह कार्यवाही 28 दिनों में पूर्ण नहीं की जाती तब तक दोनों ग्राम पंचायत की प्रभाग रचना न की जाए।
ग्रामवासियों को उचित न्याय मिलने का इंतजारऐसा आदेश होने के बावजूद भी राजस्व अधिकारी व उपविभागीय अधिकारी द्वारा दोनों ग्रामपंचायत की प्रभाग रचना अपने मर्जी से करने का षड्यंत्र रचा है।
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जिसकी शिकायत राजेश चतुर, शिवनारायण नागपुरे, मुकेश लिल्हारे व अशोक चन्ने द्वारा जिलाधीश से की है और अपनी शिकायत में कहा है कि तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी गोंदिया द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश का 23 अप्रेल 2026 तक पालन नहीं किया व उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की है।
जिलाधीश द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है या उनके द्वारा भी उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाता है या आदेश की अवमानना फिर से होती हैं इस ओर नजरें लगी हुई है। दोनों ग्रामवासियों को उचित न्याय मिलने का इंतजार है।
यदि ऐसा नहीं किया गया तो भूमि अधीक्षक, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी व जिलाधीश न्यायालय की अवमान के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार रहे। ऐसी जानकारी राजेश चतुर द्वारा दी गई है।
