गोंदिया जिले की 4 तहसीलों में हाथीरोग सर्वेक्षण अभियान शुरू; 221 गांवों के 4,107 बच्चों की होगी रक्त जांच
गोंदिया जिले की चार तहसीलों में हाथीरोग संक्रमण की जांच के लिए 'टास' अभियान शुरू किया गया है। 21 अप्रैल तक चलने वाले इस सर्वे में 221 गांवों के बच्चों का रक्त परीक्षण होगा।
Gondia News: राष्ट्रीय हाथीरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत हाथीरोग समुदाय संक्रमण सर्वेक्षण टास अभियान के तहत जिले के गोंदिया, तिरोड़ा, अर्जुनी मोरगांव और गोरेगांव इन चारों तहसीलों के 221 गांवों में सर्वेक्षण किया जाएगा।
सैंपल सर्वे के माध्यम से लगभग 4,107 छह से 7 वर्ष के बच्चों का रक्त परीक्षण किया जाएगा, जिससे हाथीरोग परजीवी के प्रसार का आकलन किया जा सकेगा। इस अभियान का जिला स्तरीय उद्घाटन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंभारेनगर स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर नप स्कूल में किया गया।
यह अभियान आगामी 21 अप्रैल तक चलाया जा रहा है। इस उद्घाटन कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डॉ. समाधान देबाजी की प्रमुख उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ। विनोद चव्हाण, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. येडे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सलील पाटिल, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक किशोर भालेराव और स्कूल के प्रधानाचार्य अंबुले सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
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बताया गया कि, ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे टास विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो यह निर्धारित करती है कि हाथीरोग उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे औषधोपचार अभियान को जारी रखा जाए या नहीं।
गोंदिया जिले में वर्ष 2005 से सामुदायिक औषधोपचार अभियान चलाया जा रहा है और उसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन टास सर्वेक्षण के माध्यम से किया जाता है।
28 टीमों का गठनइस अभियान के लिए 28 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें प्रयोगशाला वैज्ञानिक, स्वास्थ्य सेवक, आशा सेविका और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं।
डॉ. समाधान देबाजी ने अभियान के दौरान गुणवत्तापूर्ण सर्वेक्षण और व्यापक जनजागरूकता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अभियान के दौरान तहसील स्वास्थ्य अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी के साथ स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के माध्यम से पर्यवेक्षण किया जाएगा।
