Gondia Farmers News: गोंदिया फसल का संरक्षण करने के लिए भी इस बार किसानों के पास पर्याप्त प्रमाण में जल संग्रह है। जिससे कृषि उत्पादन भी बढ़ेगा ऐसी आशा है।
लेकिन विद्युत विभाग ने खेती के लिए होने वाली विद्युत पूर्ति संबंधी नया निर्णय लेकर किसानों की समस्या में वृध्दि की है। इस बार ही नहीं तो हर वर्ष रबी मौसम की शुरुआत होने पर विद्युत विभाग द्वारा यह निर्णय लिया जाता है। इसमें सिंगल फेज योजना से गांव की विद्युत पूर्ति सुचारु रूप से शुरू रहती है।
लेकिन कृषि पंप की पूर्ति कम की गई है। जिससे जल संग्रह होने के बाद भी समस्या उत्पन्न हो रही है। इस बार अपेक्षा से अधिक बारिश होने से रबी क्षेत्र में वृध्दि का अनुमान कृषि विभाग ने व्यक्त किया है। जिससे सहजता से क्षेत्र बढ़ेगा तो कृषि पंप का उपयोग भी बढेगा।
ऐसे में किसानों को अपनी नींद हराम कर रातों को खेतों की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है। बिजली समस्या का सीधा असर किसानों के इस वर्ष के रबी की फसलों पर पड़ रहा है। खरीफ मौसम में बारिश होने से विद्युत की आवश्यकता बहुत अधिक नही पडती। बारिश से फसलों को भी पानी मिलता है।
लेकिन रबी मौसम की फसल का संरक्षण यह संग्रहित पानी के भरोसे करना पड़ता है। इसी में फिलहाल बढती गर्मी से रोपाई किए गए धान फसल को अधिक पानी देना पड़ता है। किसानों को कम समय में अधिक पानी का उपयोग कैसे करें इसका नियोजन कर पानी देना पड़ रहा है।
वर्तमान में सिंचाई के लिए अब पानी का उपयोग बढा है। लेकिन किसान अत्याधुनिक पध्दति का उपयोग करने के बावजूद उन्हें विद्युत की जरूरत है। इस पर शासन को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।
अतिवृष्टी से पूर्व ही खरीफ मौसम में कृषि माल का बडा नुकसान किसानों को उठाना पडा है। जिससे किसानों को रबी मौसम के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। जिससे समय पर कदम उठाकर कृषि पंपों को कम से कम 12 घंटे सतत विद्युत उपलब्ध कराने की मांग किसानों ने विद्युत विभाग से की है।