गोंदिया में अजब-गजब मामला: खेत में मिले दो शावकों को बिल्ली समझ घर लाया किसान, सच सामने आते ही उड़े होश!

Gondia Leopard Rescue: गोंदिया के तिरोड़ा में किसान तेंदुए के दो शावकों को बिल्ली के बच्चे समझकर गांव ले आया। सूचना मिलते ही वन विभाग ने दोनों शावकों को सुरक्षित जंगल में वापस छोड़ दिया।
Bizarre incident in Gondia: Farmer brings home two cubs found in his field, thinking they were kittens—shocked when the truth came to light!
गोंदिया, तिरोड़ा, तेंदुए के शावक,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Gondia Farmer Mistakes Leopard Cubs: गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किसान ने खेत में मिले दो नवजात शावकों को बिल्ली के बच्चे समझकर अनजाने में अपने गांव ले आया। बाद में जब ग्रामीणों और वन अधिकारियों को पता चला कि वे साधारण बिल्ली के नहीं, बल्कि तेंदुए के शावक हैं, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही वन विभाग और वन्यजीव विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों शावकों को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर चिकित्सकीय जांच कराई। स्वस्थ पाए जाने के बाद उन्हें उसी स्थान पर वापस छोड़ दिया गया, जहां उनकी मां ने उन्हें जन्म दिया था।

यह घटना रविवार को तिरोड़ा तहसील के सोनेगांव/बीबीटोला क्षेत्र में सामने आई। जानकारी के अनुसार, गोंदिया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक खेत में मादा तेंदुए ने हाल ही में दो शावकों को जन्म दिया था। खेत में काम कर रहे किसान को जब दोनों शावकों के रोने की आवाज सुनाई दी, तो उसने उन्हें सामान्य बिल्ली के बच्चे समझ लिया। बिना किसी आशंका के वह दोनों शावकों को उठाकर अपने गांव ले आया।

बिल्ली समझ घर लाया, निकले तेंदुए के शावक

गांव पहुंचने के बाद किसान ने दोनों शावकों को नहलाया और उनकी देखभाल भी शुरू कर दी। इस बीच कुछ ग्रामीणों को उनके हावभाव और शरीर की बनावट पर संदेह हुआ। सूचना वन विभाग तक पहुंची तो अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुष्टि की कि दोनों शावक तेंदुए के हैं। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि आशंका थी कि मादा तेंदुआ अपने बच्चों की तलाश में गांव की ओर आ सकती है।

वन विभाग और वन्यजीव विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों शावकों को सुरक्षित कब्जे में लेकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। चिकित्सकों ने जांच में पाया कि दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। इसके बाद अधिकारियों ने वन्यजीव संरक्षण के नियमों का पालन करते हुए दोनों शावकों को उसी स्थान पर वापस छोड़ दिया, जहां से किसान उन्हें उठा लाया था, ताकि उनकी मां उन्हें आसानी से अपने साथ ले जा सके।

तेंदुए के शावक दिखें तो छुएं नहीं, तुरंत वन विभाग को सूचना दें

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावकों और मादा तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए घटनास्थल के आसपास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मादा तेंदुआ अपने शावकों तक सुरक्षित पहुंच जाए और दोनों शावकों का प्राकृतिक वातावरण में पालन-पोषण हो सके।

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जंगल या खेतों में यदि किसी वन्यजीव का शावक अकेला दिखाई दे तो उसे छूने या उठाने की कोशिश न करें। कई बार मादा वन्यजीव भोजन की तलाश में कुछ समय के लिए अपने बच्चों को छोड़कर जाती है और बाद में वापस लौट आती है।

ऐसे मामलों में तुरंत वन विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित और उचित कदम है। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता से ही इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव की घटनाओं को रोका जा सकता है।

-आरएफओ, गोंदिया वन परिक्षेत्र, प्रशांत हुमने

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