गोंदिया में नकली कृषि दवा की खुलेआम बिक्री, छिड़काव के बाद भी खेत में नहीं खत्म हुए 'खरपतवार'

Gondia Fake Pesticide Case: गोंदिया जिले के गोरेगांव तहसील के कुरहाड़ी गांव में एक किसान ने नकली या घटिया गुणवत्ता की कृषि दवा के इस्तेमाल से धान की फसल को नुकसान होने की शिकायत कृषि विभाग से की है।
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Gondia Fake Pesticide Case (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Goregaon Farmer Complaint: रबी मौसम में फसलों को बचाने के लिए जिले में इस समय बड़े पैमाने पर खरपतवार पर कृषि दवाई का छिड़काव किया जा रहा है। हालांकि, इस मौके का फायदा उठाकर छत्तीसगढ़ राज्य की कुछ कंपनियां बड़े पैमाने पर नकली और घटिया क्वालिटी की कृषि दवाइयों की पूर्ति कर रही हैं। गोरेगांव तहसील के कुरहाड़ी में एक किसान के खेत में चौंकाने वाली घटना देखने को मिली है, जहां महंगी दवाई का छिड़काव करने के बाद भी खेत में खरपतवार खत्म नहीं हो रहे, बल्कि धान की फसल पर असर पड़ रहा है।

इस मामले में पीड़ित किसान ने कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई है और संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिले में रबी धान की फसल लग चुकी है, और लहलहा रही है। किसान मेहनत और समय बचाने के लिए कृषि दवाईयों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में कुछ कंपनियों के बनाए और बाजार में कम कीमत पर मिलने वाले कृषि दवाईयों के इस्तेमाल से कोई नतीजा नहीं निकला।

चौंकाने वाला अनुभव

गोरेगांव तहसील के कुरहाड़ी के किसान चोकलाल जोगीलाल वालवे ने अपने गांव में पोंगेझरा फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी नाम के एक कृषि केंद्र से 'यूनी सेट और अल्मोक्स' नामक कृषि दवाई खरीदी और खेत मे छिड़काव किया। हालांकि, कुछ ही दिनों में उन्हें एक चौंकाने वाला अनुभव हुआ। जिन खरपतवारों के खत्म होने की उम्मीद थी, वे उगते हुए दिखे और इन दवाओं की वजह से धान की ग्रोथ रुक गई।

तहसील कृषि अधिकारी से की शिकायत, उचित कार्रवाई करें

इस पर उन्होंने कृषि केंद्र के संचालक और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया और उन्हें घटना के बारे में बताया। लेकिन, कंपनी के प्रतिनिधि ने उन्हें टालमटौल जवाब दिए। इस बीच, उन्होंने गोरेगांव के तहसील कृषि अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि किसान वालवे की तरह कई किसानों के साथ धोखा हुआ है। किसान चालवे समेत इलाके के किसानों ने इस मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

पूरी जांच हाने के बाद ही की जाएगी कार्रवाई

गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी निलेश कानवडे ने कहा कि यह मामला सही नहीं है, कंपनी के पास महाराष्ट्र में आपूर्ति करने का लाइसेंस हो सकता है। फिर संबंधित कंपनी के लाइसेंस की जांच और पूरी जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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