Gadchiroli Farmers Support Price Maize: आरमोरी तहसील के विभिन्न गांवों के किसानों ने अपने खेतों में मक्का फसल लगाई थी। वहीं वर्तमान स्थिति में उक्त फसल की कटाई होकर फसल बिक्री के लिए तैयार है। लेकिन अब तक सरकारी खरीदी केंद्र शुरू नहीं होने के कारण किसानों को मजबूरी में निजी व्यापारियों को कम दाम में मक्का बेचने की नौबत आ पड़ी है।
जिससे किसानों की होने वाली वित्तीय लूट रोकने के लिए तत्काल आरमोरी तहसील में सरकारी मक्का खरीदी केंद्र शुरू करने की गुहार आरमोरी तहसील के किसानों ने जिलाधीश से लगाई है। किसानों ने जिलाधीश का ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि आरमोरी तहसील के अधिकत्तर किसानों ने सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अपने खेतों में बोरवेल लगाया और कुछ किसानों ने नदी, नालों पर कृषि पंप लगाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई है।
वहीं पिछले तीनचार वर्षों से इस तहसील के किसान मक्का फसल का उत्पादन भी ले रहे है। वर्तमान स्थिति में मक्का फसल का उत्पादन निकलकर किसान बेचने को तैयार है। लेकिन आरमोरी तहसील में अब तक सरकारी मक्का खरीदी केंद्र शुरू नहीं हो पाया है। मक्का फसल को समर्थन मूल्य 2400 होते हुए भी खरीदी केंद्र के अभाव में किसान निजी व्यापारियों को 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल दाम से फसल बेच रहे है।
किसानों को वित्तीय नुकसान हो रहाकम दाम में मक्का बिकने पर किसानों का वित्तीय नुकसान हो रहा है। किसानों की इस समस्या की ओर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल आरमोरी तहसील में आदिवासी विकास महामंडल तथा मार्केटिंग फेडरेशन के माध्यम सरकारी मक्का खरीदी केंद्र शुरू करने की मांग की गई है।
इस समय कांग्रेस के उपाध्यक्ष दिलीप घोडाम समेत विनय शहा, विश्वनाथ मंडल, रुईदास साना, देवेन मंडल, देवाशिष विश्वास, निर्मल मिस्त्री, अजीत बासाल, नगेन सरदार, दुलाल माझी समेत अन्य किसान उपस्थित थे।