खस्ताहाल सड़क बनी हादसों की वजह, गोंदिया-धापेवाड़ा मार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग

Gondia Highway Potholes: गोंदिया-धापेवाड़ा मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और उड़ती धूल राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने बारिश से पूर्व सड़क मरम्मत की मांग की है।
Dilapidated Road Becomes Cause of Accidents In Gondia
गोंदिया-धापेवाड़ा मार्ग (सोर्स - नवभारत)
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Dilapidated Road Becomes Cause of Accidents In Gondia: गोंदिया क्षेत्र की सड़कें स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गोंदिया-धापेवाड़ा मार्ग खस्ताहाल हो गया है। इस मार्ग पर अनेक जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं जो परेशानी का सबब बनने के साथ ही हादसे को न्योता दे रहे हैं। गड्ढे बनने से गिट्टी बाहर निकल गई जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन की स्थिति बनी है। वाहन चालकों को सड़क छोड़कर किनारे से वाहन चलाना पड़ रहा है।

तहसील के रतनारा-फोनटोली, सालईटोला-नीलागोंदी, नवेगांव-धापेवाड़ा रोड इसके अलावा रोड की अन्य कई जगहों पर भी हालात अत्यंत खराब है, जिसके कारण प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही है। चारपहिया वाहनों के बोनट गड्‌ढों से टकरा रहे रहे हैं और अन्य वाहनों का भी लगातार नुकसान हो रहा है। धापेवाड़ा पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, इसके बावजूद अब तक इस गंभीर समस्या की अनदेखी हो रही है।

सैकड़ों वाहनों का आवागमन

गोंदिया होते हुए यह मार्ग धापेवाड़ा से स्तनारा, नीलागोंदी, नवेगांव, महालगांव, मुरदाड़ा, गोंडमोहाडी, परसवाड़ा मार्ग, आगे तिरोडा व बालाघाट के खैरलांजी को जाता है। इस मार्ग पर स्कूल व कॉलेज के साथ ही महाराष्ट्र मध्यप्रदेश को जोडने वाले दो पुल भी है। जिससे इस मार्ग से सैकड़ों वाहन आते-जाते है, दोपहिया वाहन पंचर होना व बड़े वाहनों का एक्सेल टूटना रोज की बात हो गई है। वाहन चालक इस मार्ग से जान जोखिम में डालकर सफर करते है। रात्रि में इस मार्ग पर गहरे गड्डों का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। अब बारिश का मौसम शुरू हो रहा जिससे गड्‌ढों में पानी जमा हो जाएगा और वाहन चालकों को गड्‌ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल होगा जिससे दुर्घटनाओं में वृध्दि होगी। बेहतर होगा कि बारिश के पूर्व इस मार्ग की मरम्मत की जाए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

हादसों का कर रहे इंतजार

  • विगत कुछ माह पहले ही धापेवाड़ा के समीप शाम को गड्‌ढों के कारण मोटरसाइकिल से गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
  • ऐसे ही हर दिन राहगीर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं फिर भी प्रशासन की नींद नहीं खुल रही है। अगर ज्यादा बड़ा हादसा हो जाए तो जिम्मेदार कौन रहेगा? ऐसा सवाल नागरिकों द्वारा किया जा रहा हैं।
  • जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मार्ग के मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, ऐसा आरोप भी नागरिकों ने लगाया है।

जल्द करें मरम्मत

बलमाटोला निवासी गजेंद्र सेवईवार ने कहा की "गोंदिया 66 धापेवाडा-तिरोडा यह मुख्य मार्ग है। इस मार्ग घर बड़े-बड़े गड्डों से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रापनि की बसें भी इन गड्ढों से भरी सड़क से चलती है, जिससे हादसे की आशंका है। प्रशासन को अनेक बार इस स्थिति से अवगत कराया गया है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जल्द मरम्मत कर यातायात को सुचारू किया जाए।"

जान जोखिम में

सोनबिहरी निवासी मनोहर लिल्हारे ने कहा की "धापेवाड़ा सड़क मार्ग के गड्‌ढ़ों से उड़ती धूल से राहगीरों को आवागमन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिससे आए दिन वाहन फिसल रहे और लोगों को चोटें आ रही है। राहगीर अपनी जान जोखिम में डाल कर सफर करते हैं। प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान दें तो बेहतर होगा।"

बारिश से पूर्व करें मार्ग की मरम्मत

गोंदिया, सोनार समाज जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप रोकड़े ने कहा की "66 गोंदिया-घापेवाड़ा मार्ग की हालत काफी दयनीय हो गई है। कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से वाहन चालकों को जान हथेली पर लेकर चलना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों से कई बार मार्ग की मरम्मत को लेकर गुहार लगाई गई लेकिन उन्होंने इस ओर अनदेखी की है। लोक निर्माण विभाग बारिश से पूर्व इस मार्ग की मरम्मत करें तो दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है।"

रात में गड्डों का अंदाजा नहीं

सोनपुरी निवासी ने कहा की योगेश डोहरे "66 गोदिया धापेवाडा सड़क मार्ग के गड्ढों से राहगीरों को आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, रात में तो गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगता और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है। वहीं बाइक चालक घायल हो रहे है।"

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