

Gondia Tobacco Control: तंबाकूजन्य पदार्थों के सेवन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जिले में कोटपा अधिनियम 2003 का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन किया जा रहा है। विशेष रूप से स्कूल, कॉलेज और निजी कोचिंग क्लासेस के 100 मीटर के दायरे में तंबाकूजन्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर प्रशासन ने जोर दिया है। जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान कोटपा कानून के तहत 1,349 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान 2 लाख रु. से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
गुटखा, खर्रा, तंबाकू, मावा और पानमसाला जैसे पदार्थों पर विभिन्न प्रतिबंध होने के बावजूद इनके सेवन के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए जनजागरूकता के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में 179 लोगों पर कार्रवाई कर 24,380 रु. जुर्माना वसूला गया। वर्ष 2024-25 में 420 लोगों पर कार्रवाई हुई और 74,020 रु. दंड वसूला गया। वर्ष 2025-26 में 604 लोगों पर कार्रवाई करते हुए 1,03,370 रु. जुर्माना वसूला गया। वहीं वर्ष 2026-27 में सितंबर के अंत तक 146 लोगों पर कार्रवाई कर 26,750 रु. दंड वसूला जा चुका है।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं में मौखिक स्वच्छता, मौखिक स्वास्थ्य तथा तंबाकूमुक्ति को लेकर जनजागरूकता की जा रही है। इसके अलावा तंबाकू की लत छोड़ने वाले लोगों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया जा रहा है।
तंबाकू की लत छोड़ने के इच्छुक नागरिकों को मार्गदर्शन और परामर्श देने के लिए जिले में पांच स्थानों पर तंबाकूमुक्ति परामर्श कक्ष शुरू किए गए हैं। इनमें केटीएस जिला सामान्य अस्पताल गोंदिया, उपजिला अस्पताल तिरोड़ा तथा सड़क अर्जुनी, देवरी और अर्जुनी मोरगांव के ग्रामीण अस्पताल शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से तंबाकू सेवन करने वालों को व्यसनमुक्ति के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है।