माता-पिता को घर से निकालने वाले बेटे को गोंदिया जिलाधीश का झटका, 15 दिन के अंदर मकान खाली करने का आदेश
Gondia Property Dispute News: गोंदिया में बुजुर्ग दंपत्ति को प्रताड़ित कर घर से निकालने के मामले में जिलाधीश ने बेटे को 15 दिनों के भीतर मकान खाली करने का आदेश दिया।
Domestic Harassment (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो- सोशल मीडिया)
Gondia Domestic Harassment Case News: गोंदिया के बाजपेयी वार्ड स्थित गौतम नगर में रहने वाले 86 वर्षीय हरिराम मंदारकर और उनकी 79 वर्षीय पत्नी कौशल्या मंदारकर को प्रताड़ित कर घर से निकालने वाले बेटे दिनेश मंदारकर को जिलाधीश ने बड़ा झटका दिया है।
जिलाधीश एवं जिला दंडाधिकारी ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित मकान पर पूरा अधिकार बुजुर्ग दंपत्ति का है और बेटे को 15 दिनों के भीतर मकान खाली कर उसकी कानूनी अभिरक्षा मातापिता को सौंपनी होगी। जानकारी के अनुसार यह मकान कौशल्या मंदारकर की स्वअर्जित संपत्ति है।
संपत्ति को लेकर विवाद
इसके बावजूद बेटा दिनेश संपत्ति को लेकर विवाद करता था। 13 मई 2025 को उसने अपने मातापिता के साथ गालीगलौज व मारपीट कर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया तथा उनका सामान भी बाहर फेंक दिया। इसके बाद बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम के तहत न्याय की गुहार लगाई।
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मकान में रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं
पूर्व में उपविभागीय अधिकारी ने आवेदन खारिज कर दिया था, जिसे जिलाधीश ने रद्द कर दिया। सुनवाई में दस्तावेजों से मकान कौशल्या मंदारकर की स्वअर्जित संपत्ति सिद्ध हुई। आदेश में कहा गया कि बेटे या बहू को माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध मकान में रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
