कन्हालगांव में रोका बालविवाह, 19 साल का दूल्हा, सरपंच से लेकर पुलिस पाटिल तक मुस्तैद
Gondia Child Marriage News: गोंदिया के कन्हालगांव में प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर बाल विवाह रुकवाया। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने परिजनों की काउंसलिंग की।
Gondia Child Marriage (सोर्सः एआय जनरेटेड फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Women And Child Development Departmen News: अर्जुनी मोरगांव तहसील के कन्हालगांव में 27 मई को होने जा रहा बाल विवाह को रोकने में प्रशासन को सफलता मिली है। तहसील के कन्हालगांव में बालविवाह होने की गुप्त जानकारी मिली थी। जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, जिला महिला व बाल विकास अधिकारी तुषार पौनिकर के आदेश व मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाईल्ड हेल्पलाइन, इंडिया सोशल वेलफेअर सोसायटी गोंदिया, अर्जुनी मोरगांव थाने की टीम तैयार कर लड़के व लड़की के जन्म प्रमाणपत्र ग्राम सेवक के पास से प्राप्त किए गए।
प्रमाण पत्र पर लड़के की उम्र 19 वर्ष 11 माह 24 दिन दिखाई दी। जिसके बाद मंगलवार की शाम 4.30 बजे पूरी टीम कन्हलगांव पहुंची। उक्त विवाह के बारे में सरपंच, आंगनवाड़ी सेविका, पुलिस पाटिल, उपसरपंच, आशा सेविका, ग्रापं सदस्य, वार्ड बाल संरक्षण समिति सदस्य और अन्य ग्राम अधिकारियों को सूचित किया गया। 26 मई 2026 को मंडप पूजन और हल्दी कार्यक्रम और 27 मई को शाम 6.30 बजे शादी की जानकारी मिली थी।
वर-वधू, माता-पिता व रिश्तेदारों को हिरासत में
पुलिस के साथ महिला बाल विकास विभाग और इंडियन सोशल वेलफेअर सोसायटी टीम ने वरवधू, माता-पिता व रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर लड़के-लड़की की उम्र कम है और वह बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006 के तहत एक आपराधिक अपराध है।
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परिजनों से लिखवाए शपथ पत्र
बच्चों व उनके परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम समझाए गए। बच्चों के माता-पिता और रिश्तेदारों से शपथ पत्र और सहमति पत्र लिखवाए। बाल विवाह मुक्त भारत का महत्वाकांक्षी अभियान चल रहा है और बाल विवाह मुक्त गोंदिया बनाने का हमारा संकल्प अभियान चल रहा है। यह कार्रवाई जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाडे व इंडियन सोशल वेल्फेअर सोसायटी के जिला समन्वयक ज्ञानेश्वर पटले के नेतृत्व में की गई।
