

BGW Women Hospital Gondia: गोंदिया जिले के जरुरतमंद और ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के लिए प्रमुख सहारा माने जाने वाले बीजीडब्ल्यु शासकीय महिला अस्पताल में तीन दिनों के भीतर तीन मातृ मृत्यु होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। 20 से 22 सितंबर के बीच प्रसव के लिए भर्ती हुई तीन महिलाओं की मौत के बाद अस्पताल की प्रसूति सेवाओं, उपचार व्यवस्था और प्रसव के बाद की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन घटनाओं की गहन जांच की मांग भी सामने आ रही है।
नवेगांवबांध निवासी कोमल सतीश गजबे (24) को 19 सितंबर की शाम करीब 6 बजे प्रसव के लिए बीजीडब्ल्यु महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 20 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद उन्हें पेशाब नहीं होने की समस्या सामने आई। इसके बाद आगे के उपचार के लिए उसे शासकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उसकी दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया। हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में रखा गया, जहां 22 सितंबर की रात 9.58 बजे उसकी मौत हो गई।
तिरोड़ा तहसील के काचेवानी निवासी नाजुक रिवाज शाह (25) को 9 सितंबर को प्रसव के लिए बीजीडब्ल्यु महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन सामान्य प्रसव हुआ और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई।
हालत गंभीर होने पर 20 सितंबर को उसे शासकीय मेडिकल कॉलेज, गोंदिया में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 21 सितंबर की रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई। उसके निधन का सटीक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है। इसी अवधि में गोंडीटोला (घिवारी) निवासी पूजा राकेश फरकुंडे (24) की भी 20 सितंबर को मृत्यु हुई, तीनों घटनाओं के बाद मातृ मृत्यु को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा तेज हो गई है।
लगातार तीन माताओं की मृत्यु ने बीजीडब्ल्यु महिला अस्पताल की प्रसूति व मातृ उपचार व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। इन घटनाओं के कारणों की जांच कर यह पता लगाना आवश्यक होगा कि प्रत्येक मामले में चिकित्सा संबंधी परिस्थितियां क्या थीं और उपचार के दौरान किन स्तरों पर क्या कदम उठाए गए। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही अस्पताल की व्यवस्था में आवश्यक सुधार की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।