गोंदिया में 50 साल पुराना जर्जर पुल बना खतरा, भारी वाहनों की आवाजाही जारी
Bagh River Bridge: गोंदिया जिले के सालेकसा-आमगांव मार्ग पर बाघ नदी स्थित लगभग 50 वर्ष पुराने जर्जर पुल से अब भी भारी वाहनों का आवागमन जारी है। यहां भारी वाहनों पर रोक लगाने की सिफारिश की गई थी।
Salekasa Amgaon Road (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Bridge News: गोंदिया जर्जरों पुलों की मरम्मत की ओर की जा रही अनदेखी की वजह से लोगों की जान जाने की घटनाएं हो रही हैं। उसके बाद भी जर्जर पुलों के प्रति प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। गोंदिया जिले के सालेकसा-आमगांव के बीच बाघ नदी पर बने 50 वर्ष पुराने जर्जर पुल से लगातार भारी वाहनों का आवागमन जारी है। बारिश के मौसम में यह पुल जानलेवा साबित हो सकता है।
सालेकसा-आमगांव मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मार्ग दो राज्यों को भी जोड़ता है। इस पुल की हालत खस्ता हो गई है। उसके बाद भी पुल से लगातार भारी वाहनों का आवागमन जारी है। पुल से तत्काल भारी वाहनों को पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता है।
स्ट्रक्चरल ऑडिट ने दी थी चेतावनी
विधायक पुराम ने इस पुल की समस्या को गंभीरता से लिया था। पुराम ने पुल का निरीक्षण कर नए पुल के निर्माण के लिए सार्वजनिक लोकनिर्माण विभाग को 25 करोड़ की निधि का प्रस्ताव सरकार को भेजने का आदेश था। विधायक के प्रयासों से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। 2016 में स्ट्रक्चरल ऑडिट नागपुर की वीएनआईटी ने 2016 में इस पुल का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया था।
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फिर भी जर्जर पुल से गुजर रहे भारी वाहन
कंपनी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधीश व संबंधित विभाग को सौंपकर पुल पर भारी वाहनों को परिवहन तत्काल बंद करने की सिफारिश की थी। तत्कालीन जिलाधीश ने पुल से भारी वाहनों के आवागमन को बंद करने के आदेश संबंधित विभाग को दिए थे। बैरिकेट्स लगाकर भारी वाहनों का आवागमन बंद किया था, लेकिन बैरिकेट्स तोड़ दिए गए।
