गोंदिया में एट्रोसिटी एक्ट मामलों की समीक्षा, जिला दक्षता समिति की बैठक में चर्चा
Gondia Atrocity Act News: गोंदिया में जिला दक्षता एवं नियंत्रण समिति की बैठक में एट्रोसिटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और मामलों में सजा की दर बढ़ाने पर चर्चा की गई।
Atrocity Act (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia District Vigilance Committee News: पिछड़े वर्ग के लोगों पर होने वाले अत्याचारों को रोकने और उन्हें सामाजिक न्याय दिलाने के उद्देश्य से बनाए गए एट्रोसिटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला दक्षता एवं नियंत्रण समिति की बैठक जिलाधीश कार्यालय सभागृह में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधीश अभिजित घोरपडे ने की। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जिला शासकीय अभियोक्ता के साथ समन्वय स्थापित कर एट्रोसिटी मामलों में सजा की दर बढ़ाने के लिए आने वाली समस्याओं का समाधान किया जाए। बैठक में समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त किशोर भोयर, कौशल्य विकास विभाग के सहायक आयुक्त राजू माटे, जिला सूचना अधिकारी अंजू कांबले, स्थानीय अपराध शाखा की प्रतिनिधि वनिता सायकर, विधि अधिकारी मिलिंद चवरे, आदिवासी विकास विभाग के प्रतिनिधि एस।जी। दसरिया तथा नागरी हक संरक्षण टीम के प्रतिनिधि संतोष राउत उपस्थित थे।
सजा दर बढ़ाने पर जोर
मामलों की पुलिस जांच जारी इस दौरान सहायक आयुक्त किशोर भोयर ने अप्रैल 2026 के अंत तक एट्रोसिटी मामलों की स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आर्थिक वर्ष 202526 में कुल 5 नए अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें हत्या का 1, विनयभंग के 2, गालीगलौज का 1 और अन्य प्रकार का 1 मामला शामिल है। इनमें 3 अपराध अनुसूचित जाति तथा 2 अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ दर्ज हुए हैं। सभी मामलों की पुलिस जांच जारी है।
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51 अब भी न्यायालय में लंबित
56 मामलों में से 51 न्यायालय में लंबितवर्ष 202526 में दर्ज कुल 56 मामलों में से 51 न्यायालय में लंबित हैं, जबकि 4 मामलों को पुलिस ने अंतिम रूप से बंद किया है और एक मामला जांचाधीन है। बैठक में यह भी बताया गया कि आर्थिक वर्ष 202627 में 5 मामलों में पहली किस्त के रूप में 6।625 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। वहीं 8 मामलों में दूसरी किस्त के रूप में 6।50 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
