

Gondia PM Fasal Bima Yojana: खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति गोंदिया जिले के किसानों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के 64,300 किसानों ने अब तक 10 1,48,253 आवेदन जमा किए है। इसके तहत करीब 73,553.6 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को बीमा सुरक्षा मिली है। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त कृषि विभाग ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 कर दी है। इससे योजना में शामिल होने वाले किसानों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार, पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी। 5 अगस्त तक जिले के 64,300 किसानों ने कुल 1 लाख 48 हजार 253 आवेदन किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहिए। अब तक जिले के किसानों ने बीमा प्रीमियम के रूप में करीब 441.3 करोड़ रु. जमा किए हैं। हालांकि जिले में लगभग 9 हजार 599 कर्जदार किसान हैं, लेकिन सभी किसानों का प्रीमियम अभी तक बैंकों द्वारा बीमा कंपनियों तक जमा नहीं कराया गया है।
इस खरीफ सीजन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिली है। पिछले वर्ष जहां किसानों को 592 रु. हेक्टेयर प्रीमियम भरना पड़ता था, वहीं इस वर्ष यह राशि घटाकर मात्र 60 रु. प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। प्रीमियम के कारण अधिक से अधिक किसान योजना से जुड़ रहे हैं। गोंदिया जिले में अब तक अर्जदार व गैर-अर्जदार ऐसे कुल 1 लाख 48 हजार 253 किसानों ने 73 हजार 553.6 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों के लिए बीमा सुरक्षा ली है। कृषि विभाग को उम्मीद है कि अंतिम तिथि तक जिले के लगभग सभी किसान इस योजना का लाभ उठाएंगे।
गोंदिया जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी निलेश कानवडे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक बढ़ाई गई है। अब किसानों के पास आवेदन के लिए चार दिनों का अतिरिक्त समय है, जिससे आवेदन की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। किसान अपनी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में फसल बीमा योजना का लाभ लें और अपनी फसलों को सुरक्षित करें।
यह कर्जदार किसान भी योजना में शामिल हो पाए हैं। वहीं, 1 लाख 38 हजार 654 गैर-कर्जदार किसानों ने फसल बीमा योजना के लिए आवेदन किया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में इस योजना के तहत जिले से 56 हजार 812 किसानों ने आवेदन किया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 64 हजार 300 किसानों तक पहुंच गई है।