एक योजना, दो लाभार्थी! लाडली बहन योजना में फर्जीवाड़ा, संदेह के घेरे में गोंदिया की 3,468 महिलाएं
Maharashtra Ladki Bahin Yojana: मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ही परिवार की दो-दो महिलाओं ने योजना का लाभ उठाया।
- Written By: प्रिया जैस
लाडकी बहिन योजना (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Gondia News: राज्य सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना शुरू की। इस योजना के तहत 1500 रुपये सीधे खाते में जमा किए जाते हैं। हालाँकि जब यह पता चला कि आर्थिक रूप से संपन्न महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले रही हैं, तो सत्यापन शुरू किया गया। पता चला कि जिले के 32 हजार 873 परिवारों की एक से ज्यादा महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं।
इसी तरह 3468 अन्य महिलाएं भी संदेह के घेरे में हैं, इसलिए उन पर भी लाभ के लिए अपात्र होने का आरोप लगाया जाएगा। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये का लाभ देने का निर्णय लेने के बाद जिले में इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। लेकिन इस बीच, फर्जी लाभार्थियों द्वारा योजना में भाग लेने और पैसे गबन करने के आरोप लगने के बाद, सरकार ने ऐसी लाड़ली बहनों की तलाश शुरू कर दी है।
50% सत्यापन का काम पूरा
पहले चरण में, गोंदिया जिले में 28 हजार लाडली बहनों को इस योजना के लिए अपात्र घोषित किया गया था। बाद में यह पता चला कि कई अपात्र लाभार्थियों के साथ-साथ एक ही परिवार के दो से अधिक लाभार्थी इस योजना का लाभ ले रहे थे। जिले में 3 लाख 37 हजार 507 लाडली बहनों का उनके परिवारों के पास जाकर सत्यापन किया जा रहा है।
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लगभग 50 प्रतिशत सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। यह पता चला है कि जिले में 32 हजार 873 परिवारों में दो से अधिक लाभार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। जबकि 21 से 65 वर्ष की आयु के 3468 लाभार्थी भी संदेह के घेरे में हैं। अब उनका भी सत्यापन किया जा रहा है। इसलिए संभावना है कि जिले में 60 हजार से अधिक लाडली बहनें इस योजना के लिए अपात्र हो जाएंगी।
अपात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना
जिले में 3 लाख 37 हजार 507 लाड़ली बहन योजना के लिए पात्र थीं। पीछले सत्यापन में जिले में 28 हजार लाड़ली बहने अपात्र पाई गई थीं। इसके बाद हुए सत्यापन में पता चला है कि 32 हजार 873 परिवारों में दो से अधिक लाड़ली बहनें इस योजना का लाभ ले रही हैं। इससे अपात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। एक परिवार में दो लाभार्थी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। लेकिन यह पता चला है कि 32 हजार 873 परिवारों में दो से अधिक लाभार्थी इस योजना का लाभ ले रही हैं। इसलिए अब उस परिवार के दो लाभार्थियों को छोड़कर अन्य को स्वयं ही इस योजना का लाभ लेना छोड़ना होगा।
