भंडारा-गोंदिया MLC चुनाव: नाना पटोले ने BJP पर लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

MLC Election: भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भाजपा पर विपक्षी उम्मीदवारों को ईडी और पुलिस का डर दिखाकर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
Nana Patole
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Nana Patole's Big Allegations On BJP: भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव को लेकर स्थानीय राजनीतिक गलियारों में अचानक भारी उबाल आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक नाना पटोले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्र परिषद) आयोजित कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी  पर शासकीय तंत्र के घोर दुरुपयोग और महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों को धमकाने के बेहद संगीन और सनसनीखेज आरोप मढ़े हैं। पटोले के इन तीखे हमलों के बाद जिले की चुनावी सरगर्मी और अधिक तेज हो गई है।

पटोले के तीखे बोल

नाना पटोले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे तौर पर विपक्षी नेताओं को टारगेट किए जाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेश ईश्वरकर, प्रफुल अग्रवाल और दिलीप बंसोड जैसे प्रमुख चेहरों को जानबूझकर राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। पटोले ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि कुछ विपक्षी उम्मीदवारों के घरों पर पुलिस के जरिएवेवजह छापेमारी की गई और उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का खौफ दिखाकर नामांकन पत्र वापस लेने के लिए विवश करने का पुरजोर प्रयास किया गया।

इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि एक प्रत्याशी को तो बकायदा आधी रात के वक्त पुलिस स्टेशन बुलाकर उन पर गंभीर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। पटोले ने इस चुनाव को महाविकास आघाड़ी के लिए 'अस्तित्व की लड़ाई' करार दिया और कहा कि इस क्षेत्र में पनप रही राजनीतिक दादागिरी के खिलाफ आघाड़ी के कार्यकर्ता डटकर मुकाबला करेंगे और विजय हासिल करेंगे।

इस पत्र परिषद में कांग्रेस सांसद डॉ. प्रशांत पडोले समेत कई अन्य दिग्गज कांग्रेसी पदाधिकारी मौजूद रहे। इन गंभीर घटनाक्रमों के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। नाना पटोले ने मीडिया को जानकारी दी कि महाविकास आघाड़ी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी लिखित शिकायत जिला प्रशासन, राज्य चुनाव आयोग और सीधे केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दी है।

इस शिकायत के जरिए उन्होंने मांग की है कि प्रशासन के इस कथित एकतरफा दुरुपयोग को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और भंडारा-गोंदिया में पूरी तरह से पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण में मतदान संपन्न कराया जाए।

बीजेपी का पलटवार

दूसरी तरफ, नाना पटोले के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के भंडारा जिलाध्यक्ष आशु गोंडाणे ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। गोंडाणे ने कहा कि इस विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस का असली 'दलित विरोधी चेहरा' एक बार फिर जनता के सामने बेनकाब हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शुरू में पूर्व विधायक दिलीप बंसोडे को चुनावी मैदान में उतारकर दलित समाज के बीच एक झूठी उम्मीद जगाने का ढोंग किया, लेकिन बाद में अपनी अंदरूनी राजनीति और दबाव तंत्र का इस्तेमाल कर उनका नामांकन जबरन वापस करवा दिया। गोंडाणे के अनुसार, इसके बाद किसी अन्य उम्मीदवार को समर्थन देकर कांग्रेस ने पूरे दलित नेतृत्व और समाज के भरोसे के साथ बड़ा विश्वासघात किया है।

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