अशोक खरात मामले में फंसे सरकार के 4 मंत्री; नाना पटोले के बड़े खुलासे से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल

Ashok Kharat Case Nana Patole Allegations: नाना पटोले ने ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में 4 मंत्रियों पर लगाए गंभीर आरोप। नाना पटोले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की मंत्रियों के बर्खास्तगी की मांग।
Ashok Kharat Case Nana Patole Revelation
ढोंगी बाबा खरात और मंत्रियों का कनेक्शन; नाना पटोले का मुख्यमंत्री को पत्र (फोटो क्रेडिट-X)
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Ashok Kharat Case Nana Patole Revelation: महाराष्ट्र में अशोक खरात का मामला अब केवल एक ढोंगी बाबा के अपराधों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने सत्ता के शीर्ष तक अपनी जड़ें फैला ली हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सरकार पर सीधा प्रहार किया। पटोले ने आरोप लगाया कि राज्य मंत्रिमंडल के चार मंत्री खरात के काले कारनामों के संरक्षक रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इन मंत्रियों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और मुख्यमंत्री को उन्हें तुरंत हटाना चाहिए।

पटोले ने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि खरात से जानकारियां तो ली जा रही हैं, लेकिन जिस तरह से पूर्व में कुछ आरोपियों के साथ हुआ, वैसा ही खतरा यहाँ भी मंडरा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि सच्चाई को दबाने के लिए खरात की जान को खतरा हो सकता है। पटोले ने स्पष्ट किया कि वे साक्ष्यों के साथ मुख्यमंत्री को पत्र देंगे, जिसमें इन चारों मंत्रियों की भूमिका का विवरण होगा।

कौन है अशोक खरात और क्या है मामला?

नासिक का रहने वाला अशोक खरात खुद को दैवीय शक्तियों का स्वामी बताता था। उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न, महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अघोरी प्रथाओं को बढ़ावा देने के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सोशल मीडिया पर खरात के कई आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें वह महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करता दिख रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि उसने कई बड़े व्यापारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है।

राजनीतिक रसूख और हाई-प्रोफाइल कनेक्शन

अशोक खरात मामले में पहले से ही पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की बहन के साथ उसके संबंधों की चर्चा गरम थी। अब नाना पटोले के नए खुलासे ने इसे पूरी तरह से राजनीतिक मोड़ दे दिया है। विपक्ष का आरोप है कि खरात के पास कई प्रभावशाली नेताओं के राज छिपे हैं, यही वजह है कि उसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। एसआईटी (SIT) की जांच में अगर इन मंत्रियों के नाम औपचारिक रूप से सामने आते हैं, तो यह सरकार के लिए बड़ा संकट साबित हो सकता है।

बर्खास्तगी की मांग पर अड़ा विपक्ष

नाना पटोले ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इस मामले को शांत नहीं होने देगी। उन्होंने कहा, "जब तक चारों मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर नहीं किया जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। महाराष्ट्र की जनता को यह जानने का हक है कि कौन से मंत्री एक ऐसे अपराधी का साथ दे रहे थे जो महिलाओं के शोषण में लिप्त है।" आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन से लेकर सड़क तक गूंजने के आसार हैं।

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