

Arjuni Morgaon Road Widening: महाराष्ट्र राज्य आधारभूत सुविधा विकास महामंडल के माध्यम से अर्जुनी मोरगांव शहर में सड़क चौडाईकरण के लिए करीब 147 करोड़ रु. की महत्वाकांक्षी परियोजना मंजूर होने के 147 बाद शहर की यातायात करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट में नियोजन पर सवाल व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद जगी है। लेकिन काम शुरू होते ही सड़क की वास्तविक चौड़ाई को लेकर असमंजस और सड़क किनारे शुरू किए गए नाली निर्माण को लेकर नागरिकों में नाराजगी दिखाई दे रही है।
नागरिकों का सवाल है कि सड़क वास्तव में चौड़ी होगी या नई नाली के निर्माण के बाद उपलब्ध जगह और कम हो जाएगी? पिछले सप्ताह सड़क किनारे नाली खोदने का काम शुरू किया गया था। शहर में बड़ी बाजारपेठ, अनेक व्यापारिक प्रतिष्ठान और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले नागरिकों की भारी आवाजाही रहती है।
बढ़ती भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क के दोनों ओर होने वाली पार्किंग के कारण आए दिन यातायात बाधित होता है। विशेष रूप से खरेदी-बिक्री चौक से सिंगलटोली के पास इटियाडोह बांध की नहर तक का मार्ग कई बार यातायात जाम की चपेट में आता है। सड़क संकरी होने के साथ मालवाहक वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इसी मार्ग से गोंदिया, महागांव, प्रतापगढ़, नवेगांवबांध और कोहमारा की ओर जाने वाली बसों, ट्रकों तथा अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है।
नागरिकों ने नगर पंचायत की आगामी सामान्य सभा में सड़क चौड़ाईकरण, बीच में डिवाइडर, डिवाइडर का सौंदर्गीकरण तथा पावर हाउस से बिरसा मुंडा चौक तक समान चौड़ाई की सड़क के संबंध में सर्वसम्मति से जनहित का प्रस्ताव पारित करने की मांग की है। साथ ही प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजकर उसकी वास्तविक अमलदारी होने तक नपं द्वारा ठोस रूप से पहल करने की मांग भी की गई है।
147 करोड़ रु। के इस बड़े प्रोजेक्ट में सड़क की अंतिम चौड़ाई कितनी निर्धारित की गई है।नाली के लिए कितनी जगह आरक्षित है और नई नाली बनने के बाद वास्तविक सड़क के लिए कितनी जगह बचेगी, इसकी जानकारी नागरिकों के सामने रखना जरूरी है। नागरिकों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि से होने वाले विकास कार्य में यदि नियोजन की कमी रही तो इसका खामियाजा भविष्य में शहरवासियों को भुगतना पड़ सकता है।
इसी मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगराध्यक्ष मंजुषा बारसागड़े व मुख्याधिकारी ज्ञानेश सोनवने को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पावर हाउस से बिरसा मुंडा चौक तक एक समान चौड़ाई वाली सड़क व बीच में डिवाइडर बनाने की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में महादेव सलामे, शाम चांडक, पुनाराम जगझापे, नरेश गोंडाने, मंगेश भलावी, बालू नेवारे, जगदीश मेश्राम व अरविंद उके का समावेश था।