गोवंशों को तस्करों से कराया मुक्त, वरठी और लाखनी में पुलिस की छापेमारी
वरठी और लाखनी पुलिस ने तस्करों से 21 गोवंशों को मुक्त कराया, कार्रवाई में 76,000 रुपये मूल्य के जानवर बरामद किए गए।
Bhandara District: भंडारा जिले की वरठी और लाखनी पुलिस ने पशु क्रूरता के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाइयां करते हुए कुल 21 गोवंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है. इन मामलों में पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. वरठी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत 19 अप्रैल की तड़के करीब 400 से 530 बजे के बीच स्थानीय अपराध शाखा ने पांचगांव रोड पर हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी की. पुलिस उपनिरीक्षक राजू सोनपितरे को गश्त के दौरान एक सफेद रंग की महिंद्रा बोलेरो पिकअप संदिग्ध हालत में आती दिखी.
वाहन को रोककर जब तलाशी ली गई, तो उसमें 12 गोवंश ठूंसठूंसकर भरे हुए मिले. जांच में पता चला कि इन्हें अवैध रूप से कत्लखाने ले जाया जा रहा था. पुलिस ने चालक शुभम श्रीधर भुरे, क्लीनर परमेश्वर गंगाराम पुडके और राकेश धनराज कुंभलकर को गिरफ्तार कर लिया है. इसी तरह की दूसरी कार्रवाई लाखनी पुलिस ने सालेभाटा गांव में की. 18 अप्रैल की शाम पुलिस हवलदार मिलिंद गभने को सूचना मिली कि रतन नंदेश्वर के खेत में कुछ जानवरों को अवैध रूप से रखा गया है.
मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि आरोपी राजू मोहन सार्वे और प्रमोद खोलीराम टेंभुर्णे ने मिलीभगत कर 9 गोवंशों को पेड़ों से बांध रखा था. यहां भी जानवरों के प्रति क्रूरता बरती गई थी. कार्रवाई के दौरान बाधा डालने की कोशिशकार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सरकारी काम में बाधा डालने की भी कोशिश की. पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान 76,000 रुपये मूल्य के जानवर बरामद किए हैं, जिनमें दो बछड़े, एक गाय और छह बैल शामिल हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.
