गोंदिया: पानी की तलाश में गांवों की ओर बढ़ रहे वन्यजीव, बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना दहशत का कारण
Gondia News: गोंदिया जिले में पानी की तलाश में वन्य प्राणियों का गांवों की ओर रुख बढ़ रहा है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। कृत्रिम जलाशयों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही है।
Gondia Wildlife News: गोंदिया जिले में सालेकसा, देवरी, अर्जुनी मोरगांव, सड़क अर्जुनी व गोरेगांव तहसील में पानी की तलाश में वन्य प्राणियों का गांवों की ओर रूख बढ़ रहा है। इसके अलावा रोजाना बंदरों का झुंड पानी व खाद्य सामग्री की तलाश में शहर के साथ ही अनेक ग्रामों में भटकते हैं। जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवमानव संघर्ष बढ़ गया है। जिसमें अनेक लोगों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता है। इसके साथ ही बाघ, तेंदुए, सुअर के हमले में मवेशियों की जान जा रही है।
इसमें कई बार लोगों को भी जान गंवानी पड़ी है। रात के समय ग्रामीण क्षेत्र के लोग चौकन्ने होकर सोते हैं। बढ़ते खतरे के कारण गांवों में दहशत का माहौल है, गर्मियों में वन्यजीवमानव संघर्ष बढ़ने की आशंका है। वन्यप्राणियों द्वारा गांवों की ओर बढ़ने से रोकने के लिए जंगल परिसर में कृत्रिम जलाशयों की संख्या बढ़ाने की मांग परिसर के लोगों ने की है।
गोरेगांव, पांगडी परिसर में भी आए दिन जंगली जानवरों का खौफ बना रहता है। हमले की घटनाएं बढ़ी जंगल क्षेत्र के गांव के पास बाघ, तेंदुआ जैसे वन्यप्राणियों का संचार बड़ी संख्या में बढ़ रहा है। परिसर में बाघ व तेंदुए के हमले से जान गंवाने की घटनाएं बढ़ रही है।
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साथ ही गांव के मवेशियों का शिकार बढ़ गया है। इसके अलावा मनुष्यों पर कभी भी वन्यप्राणियों द्वारा हमला किया जा रहा है। जंगलों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था न होने से पानी की तलाश में जंगली जानवर गांव की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए जंगल परिसर में कृत्रिम जलाशय बढ़ाने की मांग नागरिकों ने की है।
जिले में जलस्रोतों को जीवित रखने के उद्देश्य से पानी को सहेजने गांवों में भूजल स्तर में सुधार की आवश्यकता है। इसमें तालाबों का गहराईकरण होना भी जरूरी है, जिससे तालाब पानी से लबालब रहे। सिंचाई के लिए पूरी तरह से मानसूनी बारिश पर निर्भर पहना पड़ रहा है।
बकरियां व मवेशियों का कर रहे शिकार हमारा गांव जंगल से सटा होने के कारण यहां प्रतिदिन रात के समय जंगली जानवरों आनाजाना लगा रहता है। वहीं इन जंगली जानवरों द्वारा बकरियां व मवेशियों का शिकार किया जा रहा है। जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। वन विभाग ने इस ओर ध्यान देना चाहिए। रामेश्वर वारई, किसान, सोनेगांव, गोरेगांव
