नांदुरा तहसीलदार पर जानलेवा हमले का निषेध, अवैध रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
नांदुरा तहसीलदार पर रेत माफिया द्वारा किए गए हमले के विरोध में संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और प्रशासन अब उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
Nandura Illegal Sand Transport: नांदुरा अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करना तहसीलदार को भारी पड़ गया। तहसीलदार अजीतराव जंगम पर 23 अप्रैल को तहसील कार्यालय के भीतर ही जानलेवा हमला किया गया। आरोपी समाधान मोरे और उसके साथियों ने लोहे की वस्तु से उनके सिर पर वार किया। बीच-बचाव करने पहुंचे नायब तहसीलदार श्रीशैल व्हट्टे के साथ भी मारपीट की गई।
इस घटना की महाराष्ट्र राज्य तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार एसोसिएशन ने कड़ी निंदा करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव विकास खारगे के निर्देश पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उसे 27 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। प्रशासन अब आरोपी पर MPDA एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जाली दस्तावेजों से धोखाधड़ी का मामला दर्ज
संग्रामपुर टुनकी बुद्रुक गांव में जाली हस्ताक्षर और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी शालिग्राम चोरे ने दो वारिस होने के बावजूद खुद को इकलौता वारिस बताकर भूमि अभिलेख कार्यालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए। शिकायतकर्ता प्रल्हाद चोरे की शिकायत पर सोनाला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है।
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प्रभारी अधिकारियों के भरोसे जलगांव जामोद तहसील का कामकाज
जलगांव जामोद तहसील के कई महत्वपूर्ण विभाग पिछले एक वर्ष से स्थायी अधिकारियों के अभाव में संचालित हो रहे हैं। असलगांव ग्राम पंचायत सहित कई जगहों पर ग्राम विकास अधिकारी का पद प्रभार में है, जिससे स्वच्छता, स्वास्थ्य और आवास योजनाओं पर असर पड़ रहा है। पुलिस पाटिल का पद भी पिछले आठ वर्षों से रिक्त है। कई स्कूलों में प्रधानाध्यापक और पंचायत समिति के अहम पद भी इंचार्ज के भरोसे चल रहे हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
राजस्व कार्यालयों का औचक निरीक्षण, पारदर्शिता पर जोर
खामगांव अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने शेगांव और खामगांव के तहसील कार्यालयों, भूमि अभिलेख विभाग और सेतु केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रिकॉर्ड प्रबंधन सुधारने और सेवाओं में तेजी लाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली के अधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अतिक्रमण नियमितीकरण के लिए पात्रता तय
जलगांव जामोद विधायक डॉ. संजय कुटे ने सरकारी जमीन पर बने आवासीय अतिक्रमणों के नियमितीकरण को लेकर समीक्षा बैठक ली। 1 जनवरी 2011 तक के 500 वर्ग फुट तक के मकानों को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने नागरिकों से बिजली बिल, संपत्ति कर रसीद और पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज शीघ्र जमा करने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र आवेदन को रोका न जाए।
