मां माणिका देवी मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
Maa Manika Devi Temple: आरमोरी के मां माणिका देवी मंदिर में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
मां माणिका देवी मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gadchiroli News: आरमोरी आदिवासी माना समाज की आराध्य दैवत मां माणिका देवी का मंदिर आरमोरी में स्थित है। इस मंदिर में विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान पूर्व विधायक कृष्णा गजबे प्रमुखता से उपस्थित रहकर मां माणिका देवी की पूजाअर्चना की। इस समय बडी संख्या में आदिवासी समाजबांधव तथा श्रद्धालु उपस्थित थे।
आरमोरी के मां माणिका देवी मंदिर में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक कृष्णा गजबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने मां माणिका देवी तथा आदिवासी समाज के दैवत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं
इस दौरान उपस्थित आदिवासी बांधवों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के नागरिक उपस्थित थे।
सम्बंधित ख़बरें
गड़चिरोली में नकली नोट रैकेट का पर्दाफाश, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खुला फर्जी नोटों का खेल, अब जांच तेज
5 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा घिरा! सहयोगी महिला नक्सली गिरफ्तार, कमांडरों में मचा हड़कंप
गड़चिरोली में 68 लाख का गांजा जब्त, खेत में धान की जगह हो रही थी गांजे की खेती
गड़चिरोली नगर पालिका उपचुनाव का ऐलान, प्रभाग 9-ए में बढ़ी हलचल; 18 मई से नामांकन
मंदिर परिसर में पौधारोपण
इस दौरान मां माणिका देवी मंदिर परिसर में विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान पूर्व विधायक कृष्णा गजबे प्रमुखता से उपस्थित थे। पूर्व विधायक कृष्णा गजबे के हाथों मंदिर परिसर में पौधारोपन कर प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया गया।
ये भी पढ़े: वर्धा जिले में नहीं थम रही आत्महत्याएं, 30 दिन में 48 लोगों ने किया सुसाईड, चिंता का विषय
प्रकृति का उपासक आदिवासी समुदाय : गजबे
इस समय पूर्व विधायक कृष्णा गजबे ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आदिवासी समाज यह प्रकृति का उपासक है। उन्होंने हमेशा अपनी संस्कृति तथा प्रकृति की रक्षा की है। जिससे सभी को भगवान बिरसा मुंडा के विचारों पर चलकर आदिवासी समाज के विकास व हक्क के लिए एकजुटता से कार्य करने की जरूरत है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधा हर आदिवासी परिवार को मिलनी जरूरी है। इस दिशा में सरकार योजना चला रही है। जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के लोगों तक पहुंचने के लिए सभी को प्रयास करना जरूरी है।
