गड़चिरोली में पानी की टंकियों पर सुरक्षा का संकट, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
Gadchiroli Lack Of Water Supply Maintenance : गड़चिरोली शहर में जलकुंभों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। 27 वार्डों की जलापूर्ति के बावजूद सुरक्षा गार्ड नहीं हैं और कई जगह गंदगी है।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
Poor Water Supply Maintenance In Gadchiroli: गड़चिरोली शहर की जलापूर्ति के लिए नगर परिषद प्रशासन द्वारा जगह-जगह जलकुंभ (पानी की टंकियां) का निर्माण किया गया है। इन जलकुंभों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की संभावना बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने इन जलकुंभों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया है।
वहीं नियमित देखभाल के अभाव में पानी की टंकियों के आसपास कचरा और गंदगी का ढेर दिखाई देता है। इस ओर नगर परिषद प्रशासन को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
पहले की घटना से नहीं लिया सबक
शहर में कुछ वर्ष पूर्व एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति द्वारा जलकुंभ में आत्महत्या करने की घटना सामने आई थी। इस घटना के कारण शहरवासियों को कई दिनों तक दूषित पानी पीना पड़ा था। इस घटना को अब लगभग 3 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने जलकुंभों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस उपाय नहीं किए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
गड़चिरोली के आरमोरी उपजिला अस्पताल में 100 बेड की मांग, कांग्रेस ने सरकार से की अपील
‘सांसदों तक तो ठीक, विधायकों की क्या जरूरत?’; शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर बीजेपी MLA आशीष देशमुख ने उठाया सवाल
महाराष्ट्र MLC चुनाव रिजल्ट: महायुति ने 17 में से 16 सीटों पर किया कब्जा! नासिक में BJP के बागी ने बिगाड़ा खेल
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जुलाई को पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान, अबू धाबी के लिए टिकट बिक्री शुरू
प्रशासन द्वारा केवल “प्रतिबंधित क्षेत्र” और “यहां प्रवेश निषेध” जैसे सूचना बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है। वहीं नागरिक इन चेतावनी बोर्डों की अनदेखी करते हुए पानी टंकी परिसर में आवागमन कर रहे हैं।
जलापूर्ति व्यवस्था और सुरक्षा की अहमियत
पानी मानव जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। नागरिकों को शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र विभाग की भी स्थापना की गई है। इसके बदले नागरिक पानीपट्टी के रूप में कर भी अदा करते हैं, जिससे इस विभाग का संचालन और प्रबंधन किया जाता है।
लेकिन जलापूर्ति की सुरक्षा का प्रश्न भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गड़चिरोली शहर में पिछले कई वर्षों से पानी की टंकियों (जल कुंभों) की सुरक्षा व्यवस्था लचर बनी हुई है, जो लगभग तीन वर्ष पूर्व हुई एक घटना से स्पष्ट हो चुकी थी।
स्थानीय नगर परिषद के अंतर्गत 27 वार्ड शामिल हैं। इन वार्डों के नागरिकों की जल आवश्यकता पूरी करने के लिए जगह-जगह जलकुंभों का निर्माण किया गया है। इन जलकुंभों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन इनकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
इसके कारण जलकुंभ परिसरों में नागरिकों का अनावश्यक आवागमन देखा जा रहा है, साथ ही वहां कचरे का ढेर भी दिखाई दे रहा है।
यह भी पढ़ें El Nino और जल संकट से निपटने की दिशा में गड़चिरोली का बड़ा कदम, 18,750 टीएमसी वॉटर स्टोरेज निर्मित
शहर के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित जलकुंभ
गड़चिरोली शहर के मुख्य इंदिरा गांधी चौक, चामोर्शी मार्ग, हनुमान वार्ड, कॉम्प्लेक्स, इंदिरा नगर, गोकुलनगर आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए जलकुंभ (पानी की टंकियां) का निर्माण किया गया है। शहर के समीप स्थित वैनगंगा नदी से इन जलकुंभों में पानी संग्रहित किया जाता है।
जलापूर्ति कर्मचारी प्रतिदिन नियमित रूप से जलापूर्ति का कार्य करते हैं, लेकिन जलकुंभों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं देती है। कुछ जलकुंभों के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनी हुई है, जबकि कई स्थानों पर यह सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
जहां सुरक्षा दीवार है, वहां भी गेट अक्सर खुले रहते हैं, जिससे जलकुंभ परिसर में लोगों का अनियंत्रित आवागमन होता है। जलकुंभ परिसर में “प्रतिबंधित क्षेत्र” का बोर्ड लगाकर उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, लेकिन यह बोर्ड केवल औपचारिकता मात्र प्रतीत होता है।
