Gadchiroli News: शिवाजी महाविद्यालय में देशभक्त भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. नंदाजी सातपुते ने की.
कार्यक्रम की शुरुआत में भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धाजलि अर्पित की गई. इसके बाद मराठी विभाग प्रमुख डा. वी. आर. खुणे ने उनकी जीवनी तथा प्रमुख कार्यों पर रोशनी डाली.
अध्यक्षीय संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डा. नंदाजी सातपुते ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि दिसंबर 1928 में अंग्रेजों द्वारा लगाए गए साइमन कमीशन के खिलाफ पंजाब के लाहोर में 21 वर्षीय ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की दोपहिया से पुलिस थाने के बाहर निकलते समय राजगुरु तथा उनके सहयोगीयों ने गोली दागकर हत्या की.
इसके बाद भगत सिंह तथा उनके सहयोगी अनेक माह फरार थे. अप्रैल 1929 में फिर से उन्होंने व उनके सहयोगी बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली के केंद्रीय विधानसभा पर 2 बम डाले. वहीं इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए.
इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाला गया. उन पर मामला चलाकर 23 मार्च 1931 को लाहोर के जेल में देशभक्त भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी दी. उनकी स्वाधीनता लड़ाई का योगदान तथा स्मृति को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
कार्यक्रम का संचालन प्रा. एस. सी. राऊत तथा आभार प्रा. आर. एस. कोल्हे ने माना. कार्यक्रम में वरिष्ठ महाविद्यालयीन प्राध्यापक, कनिष्ट महाविद्यालयीन प्राध्यापक तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे.