Gadchiroli District: गड़चिरोली जिले में भ्रष्ट अधिकारी और खरीदीबिक्री संस्था चालकों की मिली भगत से करोड़ों रुपये का धान सड़कर घोटाला होने का मामला सामने आया है. सिरोंचा तहसील के झिंगानुर के खरीदी केंद्र पर करीब दो वर्षों से एक हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा होकर वर्तमान स्थिति में धान मिट्टी में मिल गया है. जिससे फिर एक बार आदिवासी विकास महामंडल की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उपस्थित किया जा रहा है. जिले में उत्पादन किए गए धान सरकारी संस्था द्वारा आदिवासी विकास महामंडल को बेचा जाता है.
नियम अनुसार महामंडल द्वारा खरीदी किया गया धान तत्काल उठाकर पिसाई के लिए भेजने और चावल को राशन दुकान के माध्यम से गरीबों तक पहुंचाना होता है. लेकिन सिरोंचा तहसील के झिंगानुर गांव में दो वर्ष पहले खरीदी किया गया हजारों क्विंटल धान गोदाम और नियोजन के अभाव में आज भी केंद्र पर ही पड़ा है.
बारिश और तेज धूप के कारण धान पूरी तरह सड़कर धान खाने लायक नहीं बचा है. विशेषत पिछले दो वर्षों से यह धान केंद्र पर पड़ा होने के बाद भी महामंडल के एक भी अधिकारी ने इसका गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया है. लेकिन इस मामले में विभाग के अधिकारी एकदूसरे की ओर उंगली दिखाते हुए दिखाई दे रहे है.