Gadchiroli News: गड़चिरोली शहर के विभिन्न वार्डो में लावारिश सुअरों की संख्या काफी बढ़ गयी है. जिससे वार्डो के नागरिकों को आवागमन करने में भारी त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है. गत दो वर्ष पहले आरंभ की गयी सूअर पकडऩे की मुहिम फिलहाल पूरी तरह थंडेबस्ते में होने के कारण शहर में सूअरों का आतंक बढऩे लगा है. जिससे सुअरों के बढते उत्पात पर रोक लगाने उपाय योजना करने की मांग की जा रही है.
गड़चिरोली शहर में आवारा सुअरों का विचरण जटिल समस्या बन रही है. शहर के विभिन्न प्रभागों में आवारा सुअर मुक्त विचरण कर रहे हैं. भले ही शहर में कुछ जगह नालियों को अंडरग्राऊड किया गया है. लेकिन अनेक अंदरूनी हिस्सों में नालियां खुली पडी है. ऐसे में नालियों में सुअरों का विचरण रहता है. इसके साथ ही जिस जगह जलजमाव या खुली जगह होती है, वहां सुअरों ने डेरा डाल रखा है.
जिसके चलते नागरिकों को व्यापक परेशानी हो रही है. जिस स्थान पर सूअरों ने अपना डेरा लगा देने से मच्छरों व दुर्गंधी का आलम बनने लगा है. इसका सीधा असर प्रभाग वासियों के स्वास्थ्य पर पड़ते लगा है. लेकिन इस स्थिति को नियंत्रण में लाने को लेकर नगर परिषद प्रशासन द्वारा कोई उपाययोजना नहीं की जा रही है. जिससे नगर परिषद प्रशासन तत्काल उपाययोजना करें, ऐसी मांग शहर के नागरिकों द्वारा की जा रही है.
शहर में तेजी से बढ़ते सुअरों की संख्या और नागरिकों को होनेवाली परेशानियों के मद़्देनजर नगर परिषद प्रशासन ने शहर में कुछ वर्ष पूर्व आवारा सुअरों को पकड़ की मुहिम शुरू की थी. सुअर पकडऩे का ठेका बाहर जिले के एक ठेकेदार को दिया गया था. जिसके बाद शहर में यह मुहिम आरंभ कर संबंधित ठेकेदार ने सुअरों को पकड़ा था. लेकिन वर्तमान स्थिति में पुन शहर में सुअरों में की संख्या बढऩे लगी है. लेकिन नगर परिषद की सुअर पकडऩे की मुहिम बंद है. जिसका खामियाजा शहर के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है.
वर्तमान स्थिति में शहर के सभी प्रभागों की हालत इन दिनों बद से बदतर हो चली है. शहर के सर्वाधिक संवेदनशील स्वामी विवेकानंद नगर, चनकाईनगर, गोकुलनगर, रामनगर, फुले वार्ड आदि इलाकों में अधिक मात्रा में सुअरों का विचरण नजर आ रहा है. कुछ जगह खुले में ही कचरा फेंका जा रहा है. जिससे सुअरों द्वारा उक्त स्थान पर अधिक विचरण रहता है. जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरित परिणाम होने की संभावना जताई जा रही है. इसी से साथ सुअर सड़क पर से भी दौडते, भागते रहते है. जिससे दुर्घटना की संभावना भी लगी रहती है.