Gadchiroli District: गड़चिरोली जिले के विभिन्न तीन स्कूलों में तीन छात्राओं की मृत्यु होने की घटनाएं उजागर हुई है. जिससे जिले के स्कूलों में शिक्षा लेने वाले छात्रों के सुरक्षा का प्रश्न निर्माण हो गया है. भविष्य में इस तरह की घटनाएं न घटे, इसलिए छात्रों के मृत्यु मामले की एसआईटी द्वारा जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ऐसी मांग आदिवासी ट्राइबल संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधीश कार्यालय पर दस्तक देकर जिलाधीश को सौंपे ज्ञापन में की है.
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि गड़चिरोली के एकलव्य मॉडल स्कूल में शिक्षारत 11वीं के छात्र की 30 मार्च को संदेहास्पद मृत्यु हुई है. वहीं कुरखेड़ा तहसील अंतर्गत आने वाले वडेगांव स्थित क्रांतिवीर नारायण सिंह उईके आश्रमशाला में कक्षा दूसरी में शिक्षारत छात्र की पानी में डुबने से मृत्यु हुई है. वहीं गड़चिरोली तहसील के पोटेगांव स्थित सरकारी आश्रमशाला में कक्षा 9वीं में शिक्षारत छात्रा की भी संदेहास्पद मृत्यु हुई है.
संबंधित तीनों घटनाएं काफी गंभीर होकर स्कूल प्रबंधन के लापरवाही के कारण घटनाएं घटने की संभावना है. स्कूल परिसर के तालाब, पानी वाली जगह के पास सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्रों की देखरेख व नियंत्रण नहीं रखा जाता है. स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों द्वारा अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण घटनाएं घटी है. जिससे इन तीनों घटनाओं की एसआईटी द्वारा जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. इस समय रेखा तोडासे, शालिनी पेंदाम, स्मिता नैताम, कल्पना नंदेश्वर, रिता गोवर्धन, पोर्णिमा भडके, मंजू आत्राम, मारोती कुलमेथे आदि उपस्थित थे.
जिले के स्कूलों में छात्रों के सुरक्षा के प्रति पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है. वहीं कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी छात्रों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता नहीं बरत रहे है. जिसका नतीजा जिले के विभिन्न तीन स्कूलों के छात्रों की मृत्यु होने की घटनाएं सामने आयी हैं. भविष्य में इस तरह की घटनाएं न घटे, इसलिए तीनों घटनाओं की गंभीरता से जांच करें और मृतक छात्रों के अभिभावकों को न्याय दें, अन्यथा संगठन द्वारा तीव्र आंदोलन किया जाएगा.
अनेक स्कूलों में सेवासुविधाओं का अभाव है. ऐसे स्थिति में शिक्षाग्रहण करना छात्रों के लिए काफी मुश्किल हो रहा है. बावजूद इसके जिले के छात्र स्कूलों में शिक्षा ले रहे है. लेकिन छात्रों की सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं है. जिसका ताजा उदाहरण तीन छात्रों की मृत्यु है. जिससे छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा कोन ऐसा प्रश्न भी इस समय उपस्थित किया गया.