Gadchiroli News: कृषि विभाग द्वारा पिछले कुछ दिनों से जिले के कृषि केंद्रों की जांच करना शुरू कर दी है. इसी बीच जिलास्तरीय उड़न दस्ते ने तीन तहसीलों में जांच के बाद छह कृषि केंद्रों में अनियमितता पाए जाने से उनके लाइसेंस अस्थाई रूप में निलंबित कर उन पर कृषि निविष्ठा बिक्री करने पर बंदी लगाई गई है.
वहीं 40 से अधिक कृषि केंद्र संचालकों को कारण बताओ नोटिस भिजवायी गया है. बारिश के दिनों में खाद की कालाबाजारी होने की गंभीर संभावना होती है. इन दिनों सभी किसानों को खाद की बेहद आवश्यकता होती है. जिले में खाद का आवंटन मंजूर होते हुए भी और कुछ जगह पर आवश्यकता अनुसार खाद होते हुए भी किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता है.
आगामी खरीफ सत्र में किसानों को इस समस्या का सामना न करना पड़े, इसलिए कृषि विभाग ने कृषि केंद्रों की जांच अभी से ही शुरू कर दी है. खरीफ सत्र में सभी किसान फसलों को खाद की मात्रा देते है. जिससे छोटेबड़े सभी किसानों को खाद की आवश्यकता होती है. ऐसे में बड़े पैमाने पर खाद की कालाबाजारी होकर अधिक दाम में खाद की बिक्री की जाती है.
इस पर नियंत्रण रखने के लिए जिला परिषद के कृषि अधिकारी किरण खोमणे के नेतृतव में जिलास्तरीय उड़न दस्ते का गठन किया गया. इस बीच कुरखेड़ा, देसाईगंज और चामोर्शी तहसील में चलाए गए जांच मुहिम में 6 कृषि केंद्र संचालक नियमों का पालन न करने की बात सामने आयी. जिससे उन्हें निविष्ठा बिक्री बंदी का आदेश दिया गया.
इसके अलावा तहसीलस्तर पर गुण नियंत्रक निरीक्षकों ने 61 कृषि केंद्रों की जांच की गई. कार्रवाई में कृषि अधीक्षक कार्यालय के गुण नियंत्रण अधिकारी संजय मेश्राम शामिल हुए थे.