

Gadchiroli Naxal Banners Alert: गड़चिरोली जिले के एटापल्ली तहसील के कुंडम गांव के पास रविवार को नक्सलियों के नाम से लगाए गए बैनर तथा पर्चे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पिछले कुछ महीनों से जिले में सक्रिय नक्सली दलों के लगभग समाप्त होने का दावा पुलिस प्रशासन कर रहा था। ऐसे समय में इस घटना के सामने आने से एक बार फिर नक्सली गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुंडम गांव के समीप अज्ञात लोगों ने नक्सलियों के नाम से बैनर लगाए और पर्चे चिपकाए थे।
इन पर्चों में क्षेत्र में प्रस्तावित लौह अयस्क (आयरन ओर) परियोजनाओं का विरोध किया गया है तथा स्थानीय लोगों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों का मुद्दा उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में इसी तरह का एक पर्चा मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहीं बैनर तथा पर्चों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
जंगलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है और खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन पर्चों के पीछे वास्तव में प्रतिबंधित नक्सली संगठन का हाथ है या किसी अन्य व्यक्ति अथवा समूह ने नक्सलियों के नाम का इस्तेमाल कर माहौल बनाने की कोशिश की है।
पिछले कुछ वर्षों में गड़चिरोली जिले में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। पुलिस के लगातार अभियानों, विकास कार्यों और आत्मसमर्पण नीति के कारण कई नक्सली मारे गए, जबकि सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। सामाजिक और विकासात्मक कार्यक्रमों के कारण दूरदराज के क्षेत्रों के युवा भी नक्सल आंदोलन से दूर हुए हैं। इसी आधार पर पुलिस प्रशासन जिले में सक्रिय नक्सली दलों के समाप्त होने का दावा करता रहा है। हालांकि, समय-समय पर नक्सलियों के नाम से पर्चे और बैनर मिलने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
गड़चिरोली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कहा है कि मिले पर्चे व बैनर ये सक्रिय नक्सलियों ने रखे हैं अथवा पुराने साहित्यों का उपयोग कर कोई दिशाभूल करने का प्रयास किया जा रहा है, इसकी जांच जारी है। छत्तीसगढ़ राज्य के नारायणपुर परिसर में कुछ नक्सली अब भी सक्रिय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।